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  |   Ganesh Slokas

॥ श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष ॥

॥ गणेश गायत्री ॥

एकदन्ताय विद्महे । वक्रतुण्डाय धीमहि ॥ तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥ ८॥

श्री गणपति अर्थर्वशीर्ष भावार्थ:

श्री गणेश गायत्री मंत्र ॥

भगवान गणेश के सचेत-रूप गहराई तक जानने लिए, हम हमारे मन वह एक दन्तवाले के प्रति केंद्रित करते हैं और वह वक्रतुंड (जिनके सूंड घूमा हुआ है) के प्रति ध्यान करते हुए, उनमें लीन हो जायें॥ वह एक दन्तवाले से विनती हैं कि वे हमें ध्यान के लिए प्रेरित करें ॥ ८॥

Gist of Shri Ganapati Atharva Sheersha:

Shri Ganesh Gayatri Mantra:

Let our mind go to the Ekadanta (the One with a Single Tusk) to know His Conscious Form deeply; And then Meditate on that Vakratunda (the One with a Curved Trunk) to get absorbed in His Conscious Form. May that One-tusked Lord awaken and inspire us for Meditation. (8)