Picture submitted by DUTA User Mr.GaneshSharma (92*****711)

  |   Ganesh Slokas

॥ श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष ॥

॥ गणेश रूप ॥

एकदन्तं चतुर्हस्तं पाशमङ्कुशधारिणम् ॥ रदं च वरदं हस्तैर्बिभ्राणं मूषकध्वजम् ॥ रक्तं लम्बोदरं शूर्पकर्णकं रक्तवाससम् ॥ रक्तगन्धानुलिप्ताङ्गं रक्तपुष्पैः सुपूजितम् ॥ भक्तानुकम्पिनं देवं जगत्कारणमच्युतम् ॥ आविर्भूतं च सृष्ट्यादौ प्रकृतेः पुरुषात्परम् ॥ एवं ध्यायति यो नित्यं स योगी योगिनां वरः ॥ ९॥

श्री गणपति अर्थर्वशीर्ष भावार्थ:

श्री गणेश जी के रूप:

वह एक दन्त वाले के चार हाथ हैं जिनके दो ऊपरी हाथों से फंदा (पाश) और अंकुश धारण किये हैं ।उनके निचले बाएँ हाथ में हाथी के दांत (रदम् ) रखते हैं तथा उनके निचले दाहिने हाथ (वरदा मुद्रा) से आशीर्वाद और वरदान प्रदान करते हैं । मूषक उनके ध्वज के प्रतीक है । उनके भव्य रूप के लाली चमक(रक्तं ), बड़े गोल पेट (लम्बोदर),पंखे की तरह फटकता हुआ बड़े कान (शूर्प कर्णम) और लाल वस्त्र (रक्त वाससम्) पहने हुए हैं| उनके शरीर लाल सुगंधित पदार्थ (रक्त गंध ) से लिप्त है, लाल फूलों (रक्त पुष्प) के साथ पूजा जाता है| वह अपने भक्तों के प्रति दयालु (अनुकंपा) है| वह इस संसार की रचना के लिए प्रकट हुए हैं और सृष्टिकर्ता है। वह ब्रह्माण्ड के कारण है ; अनंत है और मौलिक ऊर्जा तथा व्यक्ति की आत्मा से परे है। जो कोई श्री गणेश जी पर नित्य स्मरण एवं ध्यान करतें हैं उनको योगियों के योगी बनने का वरदान प्राप्त होता है ॥ ९॥

Gist of Shri Ganapati Atharva Sheersha:

Shri Ganesha Form:

A description of Ganesh idol for meditation is said as follows: one Who has tusk (on right side), who has four hands, in upper right hand who is holding noose, in left upper hand goad. In lower left hand, who is holding elephant's tooth(ekadanta), right lower hand is giving blessings, granting boon, having the mouse as him emblem, red in color, who is having big stomach, whose ears are like a small sift pan, who wears red colored clothes, who's body is smeared with red sandalwood paste, who is worshipped with red flowers, who is always does favor and is compassionate towards his devotees. He who created this world, who is everlasting and who is the cause of the universe, is also beyond the primordial energy and individual soul. Whoever meditates on him, always be blessed as yogi and is the best amongst the yogis.