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  |   Ganesh Slokas

श्री गणपतिस्तवः
गुणातीतमानं चिदानंदरूपं चिदाभासकं सर्वगं ज्ञानगम्यम् ।
मुनिध्येयमाकाशरूपं परेशं परब्रह्मरूपं गणेश भजेम् ॥२॥

श्री गणपति स्तवः
हमें गणेश जी की पूजा करनी चाहिए - जो तीन गुणों से परे है, चेतना का आनंद है, जो मन को रोशन और प्रबुद्ध करते हैं, जो सर्वव्यापी है, जो ज्ञान के साथ प्राप्य है, जिनको संतों - मुनियों ध्यान करते हैं, जिनका प्रपत्र आकाश की तरह विशाल है और जो सर्वोच्च प्रभु है ॥२॥

Shri Ganapati Stavah
Let us worship that Ganesha, who is beyond the three guṇas, who is the bliss of consciousness, who illuminates the mind, who is all pervading,who can be approached through knowledge, who is meditated by sages, whose form is vast like the sky, and who is the supreme lord.