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  |   Ganesh Slokas

॥ श्री गणपतिस्तवः॥
तपोयोगिनं रुद्ररूपं त्रिनेत्रं जगद्धारकं तारकं ज्ञानहेतुम् ।
अनेकागमैः स्वं जनं बोधयंतं सदा सर्वरूपं गणेशं नमामः॥६॥

श्री गणपतिस्तवः॥
हम श्री गणेश जी की पूजा करते हैं - जो सदा तमोगुण में लीन है ,जो भयानक रूप , तीन (त्रिनेत्र) आंखों वाले , जगतधारक और तारक है एवं ब्रह्मांड के नाशक है । सांसारिक सागर सागर को पार करने में सहाय्य करते हैं , अनगिनत शास्त्रों के ज़रिये से अपने लोगों को ईश्वर प्राप्ति के लिए उपदेश देते हैं और वह सब कुछ में प्रकटित है, वह श्री गणेश जी को प्रणाम ॥६॥

Shri Ganapati Stavah :
We always worship that Ganesha, who is absorbed in Tamoguna, whose form is terrible, who has three eyes, who hold saves and destroys the world, who helps to cross the ocean of existence, who is the cause of knowledge, who preaches to his people with the help of countless scriptures, and who has assumed the form of everything. (6)