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  |   Ganesh Slokas

॥ श्री गणपतिस्तवः॥
निजैरोषधीस्तर्पयंतं कराद्यैः सुरौघान्कलाभिः सुधास्त्राविणीभिः।
दिनेशांशुसंतापहारं द्विजेशं शशांकस्वरूप गणेशं नमामः ॥८॥

श्री गणपतिस्तवः॥
श्री गणेश जी - जिनकी किरणों से पौधें खुश होते है, जो देवताओं को, अमृत की धाराओं के तर्पण द्वारा, खुश करते हैं , सूरज की गर्मी को शीतल करते हैं , ब्राह्मणों में सब से श्रेष्ठ और सर्वोत्तम, तथा चंद्रमा के रूप में जो है- वह श्री गणेश जी को प्रणाम ॥

Shri Ganapati Stavah :
The one who makes the plants happy by his rays, One who makes Gods happy by the tarpana of streams of nectar, One who cools down the heat of the Sun, the One who is best of the Brahmins and the one who is the form of the Moon, our salutations to Lord Ganesha. (8)