Sankata Nashana Ganesha Stotram: Verse 5

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संकष्टनाशनं गणेशस्तोत्रम् ॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं य: पठेन्नर: । न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं परम् ॥५॥

संकटनाशनगणेशस्तोत्रम् अर्थ :

इन बारह नामों का जो मनुष्य तीनों सन्धायों (प्रातः, मध्यान्ह और सांयकाल) में पाठ करता है , हे प्रभु ‍! उसे किसी प्रकार के विध्न का भय नहीं रहता, इस प्रकार का स्मरण सब सिद्धियाँ देनेवाला है ॥५॥

Sankata Nashana Ganesha Stotram (Meaning)

Any one reading these twelve names, At dawn, noon and dusk, O Lord! He will never have fear of defeat, And would always achieve whatever he wants. ।।5।।

Original Photo Credit: Duta User Mr. Sahadev (98*349)

मूल फोटो क्रेडिट: Duta उपयोगकर्ता श्री. सहदेव (९८ *३४९ )