Shree Ganesh Chalisa - Shlok 14 (श्री गणेश चालिसा - श्‍लोक १४)

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श्‍लोक:
पदताहीं शनि द्रिगाकोना प्रकाशा, बालक सिरा उडी गयो आकाशा,
गिरजा गिरी विकला हवाई धरणी, सो दुख दशा गयो नहीं वरनी ॥ १४ ॥
श्‍लोक भावार्थ :
जबरदस्ती से, असहाय होकर, जब शनिदेव के तीव्र आँखों की नज़र उस नन्हा-शिशु पर पड़ा ,
उसी पल, बच्चा का सिर आकाश की तरफ उड़कर , अन्तर्धान हो गया ।
टूटकर, पार्वती धरती पर बेहोश पड़ी ; चारों ओर सनसनीखेज सदमे और दु: ख फैल गया ! ॥ १४ ॥
Shlok (Verse) Meaning:
Helplessly, the moment Lord Shani looked at the baby , the baby's head flew into the sky.
Shattered, Parvati swooned on the ground ; Stunning shock and grief spread around. (14)

Original photo credit Duta User Gothwal (96*999)

मूल फोटो क्रेडिट Duta उपयोगकर्ता Gothwal (९६*९९९)