Collection of Ganesh Shlokas ।। गणेश श्लोकों के संग्रह ।।

  |   Ganesh Slokas

Shlok 5 :

"Prasanna Vinaayakam Devam, Perivana Pura Samsthitham Sarva Vigna Haram Nithyam, Vandhe Sri Kunjaraananam"

Meaning:

The Lord Sri Prasanna Vinaayaka, who lives in his Temple of Pearland; one who removes all obstacles of all his devotees at all times; one who has the Omkara face of the elephant. I pray to the divine Ganesha.

श्लोक ५:

"प्रसन्न विनायकं देवं , पेरीवन पुर संस्थितं सर्व विघ्न हरं नित्यं, वन्दे श्री कुंजराननम्”

श्लोकार्थ :

भगवान श्री प्रसन्न विनायक , जो नाशपाती भूमि के अपने मंदिर में रहते है; जो हर समय अपने सभी भक्तों की सभी बाधाओं को हटाते है; जिनका हाथी चेहरा ॐकारा के स्वरूप है। हम उस दिव्यपरमात्मा श्री गणेश जी से प्रार्थना करते हैं।

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Original Image credits: https://goo.gl/ki4Gyq