आनंदीबेन 👵🏻 को कोई विकल्प नहीं 🤔

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गुजरात के मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल 👵🏻 ने कहा है कि वह 🔸 भाजपा परंपरा का पालन करते हुए अपना ७५ साल की उम्र में इस्तीफा दे दिया है, ताकि युवा मंत्रियों 😎 को शासन करने के लिए एक मौका मिले . लेकिन, आगामी २०१७ के गुजरात विधानसभा चुनावों📥 के चुनौतियों को देखते हुए 😐 , हो सकता है कि वास्तव में भाजपा उसे बाहर चाहता है।

उसकी वजह यहाँ है:

इससे पहले, गुजरात में, पाटीदार समुदाय 👥 और अब दलित समुदाय 👥 को उनके सामाजिक अन्याय के खिलाफ राज्य सर्कार से कोई समर्थन नहीं मिलने के कारण , वे सर्कार से विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं। गुजरात के दलितों के वोटों की गणना ८ 8⃣% है और इसकी तुलना में , पाटीदारों की भी कम नहीं! लगता है की आनंदीबेन 👵🏻 ने उनकी दुर्दशा का हल नहीं कर सके और जल्दबाजी 👀 से अपना सियासत छोड़ दिया है।

देखा जाय तो दिसं, २०१५ के स्थानीय निकाय 📥 मतदान में ✋कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छे नाम कमाए बल्कि 👵🏻 आनंदीबेन की ताकत 💪 सिर्फ शहरों तक ही. सीमित थी। प्रधानमंत्री ✌ मोदी और भाजपा 🔸 मुख्यमंत्री अमित शाह , गुजरात से हैं और यह स्पष्ट है कि दोनों ही अपने गृह राज्य के समर्थन खोना ❌ नहीं चाहते हैं।

‘आनंदीबेन पटेल’ के बारे में अधिक जानने केलिए टाइप करें 🔎 : search Anandiben Patel

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मूल छवि क्रेडिट 📷: https://goo.gl/aZ65fl