Shri Ganapati Atharva Shirsha (10) ॥ श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष ॥१० ॥

  |   Ganesh Slokas

Shri Ganapati Atharva Shirsha Shloka:

Namo Vrat Pataye, Namo Ganapataye
Namo Pramatha patye, Namste Stu Lambodaraya Ekdantaya, Vighna Nashine Shiv Sutaya, Sri Varad Murtiye Namo Namah || 10 ||

Shloka meaning:
Salutation to ( Vratapati) the Lord of Plenty. Salutation to Ganapati (Pramathapati -, the supreme authority of total divine knowledge) who is to leader or chief of the soldiers and sages. Salutation to the big bellied (Lambodar), who has one tusk, Salutation to Ekadanta. Again and again Salutations to God Shiva's son who destroys all obstacles and (Varadmurti) the lord who always give blessings to his devotees. (10)

श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष श्लोक :

नमो व्रातपतये । नमो गणपतये । नमः प्रमथपतये ।
नमस्तेऽस्तु लम्बोदरायैकदन्ताय । विघ्ननाशिने शिवसुताय वरदमूर्तये नमः ॥१० ॥

श्री गणपति अथर्वशीर्ष भावार्थ :
समृद्धि के प्रभु (व्रातपति) को प्रणाम । श्री गणपति (कुल का सर्वोच्च दिव्य ज्ञान के अधिकारी ) जो सैनिकों और संतों के प्रमुख हैं, उनको प्रणाम । वह बड़े गोल पेट (लम्बोदर) एक दन्त वाले को मेरा प्रणाम |भगवान शिव के सुपुत्र को बार-बार प्रणाम, जो सभी विघ्नों और बाधाओं को नष्ट कर देते है तथा (वरदमूर्ति) अपने सारे भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं ॥१० ॥

📲 Get Ganesh Slokas on Whatsapp 💬

Original Image credit:📷https://goo.gl/wUke9H