Shri Ganapati Atharva Sheersha (15) ॥ श्रीगणपत्यथर्वशीर्ष ॥१५ ॥

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Shri Ganapati Atharva Sheersha Shloka:

Om Saha NaaAvatu |
Saha Nau Bhunaktu |
Saha Viiryam Karavaavahai |
Tejasvi Nau-Adhiitam-Astu Maa Vidvissaavahai |
Om Shaantih Shaantih Shaantih || (15)

Shloka meaning:
Shanti Mantra:
O Lord! Let us both (the teacher and the taught) be protected together, let us enjoy together, et us endeavour together,
let us not hate or quarrel; let us study (Brahman) and become resplendent,.
O Lord! May this bring Peace to all, at all the three levels - Adhibhautika, Adhidaivika and Adhyatmika
Om, Shanti, Shanti, Shanti (15)

श्री गणपति अथर्वशीर्ष श्लोक :
॥ शान्ति मन्त्र ॥
ॐ सहनाववतु ॥ सहनौभुनक्तु ॥
सह वीर्यं करवावहै ॥
तेजस्विनावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ १५ ॥

श्री गणपति अथर्वशीर्ष भावार्थ :
॥ शान्ति मन्त्र ॥
हे प्रभु अनुमति दें, हम (दोनों शिक्षक और विद्यार्थी) एक साथ संरक्षित रहें , हम एक साथ आनंद लें, हम एक साथ प्रयास करें ,
हम नफरत या झगड़ा नहीं करें, हम एक साथ (ब्रह्म का) अध्ययन करें और देदीप्यमान हो जाएँ ।
हे प्रभु, आपकी आज्ञा से यह (सभी तीन स्तरों पर भौतिक, मानसिक या बौद्धिक और आध्यात्मिक) सभी के लिए शांति लाएँ!
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ १५ ॥

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Original Image Credits📷:https://goo.gl/LQva6S