आधार कार्ड🏷 ने परिवार को मिलाया दो साल पहले गुम हुए 👏बेटे से

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आधार कार्ड देश में सभी सरकारी सुविधा व अन्य कामों में ही काम नहीं आ रहा है। इससे अब खोए हुए लोगों की पहचान भी की जा रही है। इसके अलावा यह मृत लोगों की शिनाख्त कराने में भी कारगर सिद्ध हो रहा है।

आधार कार्ड के जरिए ही इंदौर के एक परिवार को दो वर्ष पहले खोया उनका अठारह वर्षीय पुत्र भी मिल गया। खास बात यह थी कि वह मानसिक रूप से कमजोर भी था। इस स्थिति में आधार कार्ड के जरिए परिवार को उनके पुत्र का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं लग रहा है।

वर्तमान में युवक इंदौर से लगभग 1400 किमी दूर बंगलुरु के एक अनाथ आश्रम में है। उसे लेने के लिए माता-पिता क्षेत्र के एसडीएम व सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों के साथ रवाना हो गए हैं।

बंग्लुरु के एक अनाथालय में 4 दिन पहले आधार कार्ड बनाने का शिविर लगाया गया था। इस दौरान एक 20 वर्षीय युवक के मशीन के सामने बैठने पर मशीन ने उसका कार्ड नहीं बनाया। जांच में पता चला कि उसका आधार कार्ड पूर्व में ही बन चुका है और युवक इंदौर के निरंजनपुर का रहने वाला है।

इसके बाद अनाथालय प्रशासन ने इंदौर प्रशासन ने सम्पर्क कर युवक की बारे में जानकारी जुटाई। इसमें वह मजदूर रमेश चंद्र का बेटा नरेंद्र निकला। परिजनों ने बताया कि वह दो वर्ष पहले लापता हो गया था। इस मामले के बाद प्रशासन ने उस युवक की पूरी जिम्मेदारी उठाने का भी निर्णय किया है।

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