सलमान 🕺की बराबरी नहीं कर पाए 🤷‍♂️वरूण📹http://v.duta.us/yYfRUgAA

  |   बॉलीवुड

निर्देशक- डेविड धवन
दूता रेटिंग- 2 स्टार
यहां देखें ट्रेलर📹-http://v.duta.us/yYfRUgAA

फिल्म जुड़वा 2 का सभी को बेसब्री से इंतजार था। आखिरकार यह इंतजार खत्म हुआ और फिल्म बड़े पर्दे पर आ गई। लेकिन देखने वालों का कहना है कि दोनों फिल्मों की तुलना में पहली जुड़वा ज्यादा मजेदार थी। वरूण सलमान की इमेज के आसपास भी नजर नहीं आते हैं।

यह कहानी एक स्मगलर चाल्र्स (जाकिर) के साथ शुरू होती है जो एक अमीर बिजनेसमैन मल्होत्रा ( सचिन खेड़कर) के हीरों से भरे बैंग के पीछे पडा है। स्मगलर, मल्होत्रा के नवजात जुड़वा बच्चों में से एक बेटे को लेकर गायब हो जाता है। यह बच्चा मुंबई के रेलवे ट्रैक पर पाया जाता है जिसे एक महिला (काशी) पाल-पोसकर बड़ा करती है। इसका नाम राजा (वरुण धवन) है। उसका दोस्त नंदू (राजपाल यादव) है।

राजा का जुड़वा भाई प्रेम (वरुण धवन) लंदन में अपने माता-पिता के साथ रहता है। वह पूरी तरह से जेंटलमैन है। जबकि मुंबई की गलियों में पला-बढ़ा राजा टिपिकल टपोरी स्टाइल में मिलता है। पहली वाली जुड़वा में भी ऐसा ही देखने को मिला था। कहानी में तब मोड़ आता है जब किसी तरीके पप्पू पासपोर्ट (जानी लीवर) की वजह से राजा लंदन जाता है। प्रेम-राजा का मिलन होता है, कहानी में क्या-क्या ट्विस्ट और टन्र्स आते हैं यह जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी।

जितना मजा सलमान की फिल्म में आया था वैसा वरुण की फिल्म में देखने को नहीं मिला। फिल्म में बेहद घिसे-पिटे जोक्स हैं, बिना लॉजिक वाले सीन हैं। खास तौर से संवाद पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया गया है।

जुड़वा देखने के बाद बार-बार महसूस होता है कि सुपरहिट फिल्मों का रीमेक बहुत सावधानी से बनाना चाहिए।

वरुण धवन ने दोनों किरदारों के ऊपर बढिय़ा प्रयोग किया है। जैकलीन फर्नांडिस और तापसी पन्नू को फिल्म में ग्लैमरस अवतार में दर्शाने की कोशिश की गई है, जिसे दोनों ने अच्छे से किया भी है।

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