महंगा🤜 पड़ा औने-पौने दाम पर मोबाइल📱 खरीदना, चोरी के आरोप में 👮धरे गए

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छत्तीसगढ़ में 100 के करीब महंगे एंड्रॉयड मोबाइलों की चोरी का पर्दाफाश हो गया है। करीब सभी मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिन लोगों ने औने-पौने दामों में ये मोबाइल खरीदे, वे सभी अच्छी आर्थिक स्थितियों वाले लोग हैं, लेकिन चोरी का माल जानने के बावजूद उन्होंने लालच में आकर इन्हें खरीद लिया।

ये मोबाइल अंबिकापुर बस स्टैंड से गायब हुए थे। बस स्टैंड पर करीब सौ मोबाइल का एक पार्सल आया हुआ था, जिसे स्थानीय व्यापारियों के लिए कंपनी की ओर से भेजा गया था। यह पार्सल बस स्टैंड के कुरियर रूम में सुरक्षित रखा था, लेकिन पार्सल रूम से किसी ने मोबाइल फोन के इस पार्सल पर हाथ साफ कर दिया।

पुलिस ने मोबाइल तो बरामद कर लिए हैं, लेकिन अब तक वह पार्सल चोरी करने वाले मुख्य आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है। चोरी की ये मोबाइलें खरीदने वाले लोगों ने जब इनमें अपने सिम कार्ड लगाकर ऑन किए तो पुलिस ने उन्हें ट्रैक करना शुरू कर दिया।

इन मोबाइलों के IMEI नंबर से पता चला कि मोबाइलों का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा के कुछ जिलों में हो रहा है। पुलिस ने साइबर सेल की सहायता ली और तमाम सिम कार्डों का नंबर और लोकेशन हासिल कर उन तक पहुंच गई।

इसके बाद पता चला कि तमाम लोगों ने औने पौने दाम पर अंबिकापुर के एक ट्रक ड्राइवर से ये मोबाइल फोन खरीदे थे। पुलिस उस ट्रक ड्राइवर के घर तक पहुंची। यह ट्रक ड्राइवर उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मलावन थरौली गांव का रहने वाला है। उसका नाम कमलेश यादव बताया जा रहा है।

कमलेश के मुताबिक उसने 3।5 लाख रुपये में कुल 66 मोबाइल बेचे और ट्रक ड्राइवरी का काम छोड़ दिया। जबकि पुलिस ने हिसाब लगाया कि ट्रक ड्राइवर से जिस शख्स ने ये मोबाइल खरीदे उसने ये 66 मोबाइल 12।5 लाख रुपये में बेचे। आरोपी कमलेश यादव ने 21 मोबाइल अपने रिश्तेदारों को भी बांट दिए।

पुलिस ने ड्राइवर के रिश्तेदारों से ये 21 मोबाइल भी बरामद कर लिए हैं। लेकिन सबसे मजेदार तो यह है कि इन 66 मोबाइलों को खरीदने वाले लोगों को भी चोरी का माल ठिकाने लगाने के मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि वे सभी इस अपराध में बराबर के भागिदार हैं।

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