एक🤜 रुपये के सिक्के से 👊पांच मिनट में लूट लेते हैं 🚃ट्रेन

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महज एक और दो रुपये के सिक्के का इस्तेमाल कर स्पीड से दौड़ रही ट्रेन रोक दी जाती है। ट्रेन के रुकते ही उसमे लूटपाट शुरु हो जाती है। तीन से पांच मिनट ये लूटपाट चलती रहती है, लेकिन अगले पांच मिनट बाद ही ट्रेन फिर से चलने लगती है और बदमाश ट्रेन से कूदकर भाग जाते हैं। और जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती है तो ट्रेन अपनी मंजिल को और लुटेरे अपने-अपने ठिकानों पर पहुंच चुके हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि एक और दो रुपये के सिक्के के बलबूते ट्रेन में लूटपाट कैसे संभव है। रेलवे के सिग्नल विभाग से जुड़े एक इंजीनियर ने बताया कि जहां सिग्लन लगा होता है वहां 13 किमी का एक सर्किट भी बनाया जाता है। इस सर्किट का संबंध पटरियों और सिग्नल से होता है।जहां सर्किट खत्म होता है तो वहां दो पटरियों के बीच में गैप भी होता है। पटरियों के सर्किट को बंद करने के लिए इस गैप में इनस्युलेटिंग मटीरियल (रोधक पदार्थ) भरा जाता है। ये रबड़ जैसा होता है।

ये रबड़ इसलिए रखी जाती है कि जिससे दोनों पटरियां आपस में जुड़ें नहीं और उनके बीच अर्थिंग का संपर्क न बने। लुटेरे इसी कमजोरी का फायदा उठाकर उस गैप के बीच में एक या दो रुपये का बड़ा वाला सिक्का रख देते हैं।

अब सिक्के की मोटाई इतनी होती है कि वह दोनों पटरियों के संपर्क में आ जाता है। और ऐसा होते ही पटरियों को अर्थिंग मिलने लगती है। इसका परिणाम ये होता है कि जब पटरियों को अर्थिंग मिलती है तो जो सिग्नल ग्रीन होता है वह सिक्का रखते ही रेड हो जाता है।

जीआरपी के अनुसार एक बदमाश किसी भी सुनसान जगह पर लगे सिग्नल के पास जाकर पटरियों पर सिक्का रख देता है। इसके साथ ही चार से पांच लोग सिग्लन से कुछ दूरी पर वहां खड़े हो जाते हैं जहां सिग्नल को रेड होता देख ट्रेन रुकेगी। इस तरह की लूटपाट अक्सर रात के वक्त होती हैं। दो-तीन बदमाश पीछे वाले स्टेशन से ट्रेन में सवार हो जाते हैं और जैसे ही ट्रेन सिग्नल के पास आकर रुकती है तो ट्रेन में बैठे बदमाश दरवाजे खोल देते हैं और नीचे खड़े बदमाश ट्रेन में सवार होते ही लूटपाट शुरु कर देते हैं।

जीआरपी की मानें तो सिक्के के दम पर ट्रेन लूटने की घटनाएं सबसे ज्यादा यूपी और बिहार में होती हैं। इसकी एक खास वजह ये है कि जहां पर ऑटो मैटिक सिस्टम से सिग्नल व्यवस्था चल रही है वहां सिक्के की ट्रिक काम नहीं करती है। जहां-जहां सिग्नल की पुरानी प्रणाली काम कर रही है, वहीं बदमाश सिक्के का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमे यूपी और बिहार प्रमुख हैं। यूपी के इलाहाबाद, आगरा, जौनपुर, वाराणसी, मुगलसराय, चुनार और बिहार के बक्सर और आरा में लूट की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।

यहां देखें फोटो-http://v.duta.us/N-MQRAAA

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