बिहार के छिपा है बेशकीमती खजाना💰, मुगल भी नहीं कर पाए हासिल💵

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पाल वंश के प्रतापी शासक इंद्रद्युम्न उर्फ इंद्रपाल की राजधानी इंदपैगढ़ अपने आप में कई रहस्यों को समेटे हुए है। किंवदतियों के अनुसार यहीं आसपास के जंगलों में इंद्रपाल का बेशकीमती खजाना छिपा है, जिसकी आज तक खोज नहीं की जा सकी है। इतिहासकार भी इस बात से सहमति जताते हैं।

प्रचलित लोककथा के अनुसार इंद्रपाल की रानी को एक साधु का वरदान था। वह रोज कमल के पत्ते पर पैर रखकर नहाने जाती थी। एक दिन कमल का पत्ता डूब गया। साधु के संकेत के अनुसार उसके बाद राजा इंद्रपाल राजपाट छोड़कर निकल गए। फिर यह खजाना निगोरिया समुदाय के पास चला गया। बाद में दो शासकों के बीच हुए सत्ता संघर्ष के दौरान इस खजाने को गिद्घेश्वर पर्वत के पास कहीं जमीन में गाड़ दिया गया।

इतिहासकारों के अनुसार इंद्रपाल इलाके में पाल वंश के अंतिम शासक थे। बुकानन के अनुसार मुस्लिम आतंक से घबराकर इंद्रपाल ने गढ़ छोड़ा था। गढ़ के अंदर या आसपास के किसी इलाके में उन्होंने अपना खजाना छिपा दिया। वर्षों बाद भी यह रहस्य छिपा है।

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