👬भाईचारे के संदेश को मजबूत 🙏करता है पाक महिना

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रमजान बुराइयों से दूर रहकर भाईचारे को एक सूत्र में बांध कर खुशहाली का संदेश लेकर आता है। इस एक माह में मुस्लिम धर्म के लोग रोजा रखकर अल्लाह से देश व समाज में शांति बनाए रखने की दुआएं करते हैं।

रोजे रखने से बुद्धि, बल में वृद्धि होती है। उसके लिए सकारात्मक सोच का होना जरूरी होता है। उसी से सोच में बदलाव नहीं आने पर रोजे रखने का लाभ नहीं मिलता।

मौलवी व इमाम बताते हैं कि रोजे के 21वें दिन पवित्र कुरान पृथ्वी पर आया था। इस दिन को लयलतुल-कद्र कहते हैं। जिसे ईद की भांति रमजान को भी सभी धर्म के लोग मिलजुल कर मनाते हैं। जो मनुष्य बुराईयों के बल पर भटक जाते हैं, उनका मार्गदर्शन करने वाले असली रोजेदार होते हैं। तभी श्रद्धा से रोजे रखने वालों की अल्लाह ताला मुराद पूरी करते हैं।

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