👫शारीरिक सम्बन्ध बनाना नहीं है विवाह👨‍🎓

  |   समाचार

मुम्बई हाई कोर्ट ने वन नाइट स्टैंड करने तथा महिला-पुरुष के शारीरिक सम्बन्ध बनाने को हिन्दू कानून के अनुसार विवाह मानने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ किया कि इस तरह से पैदा हुई संतान का पिता की संपत्ति पर भी कोई अधिकार नहीं होगा।

जस्टिस मृदुला भटकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि महिला-पुरुष के सम्बन्ध को शादी मानने के लिए पारम्परिक रीति-रिवाज या फिर कानूनी प्रक्रिया के तहत शादी करना आवश्यक है। आपसी सहममि या दुर्घटनावश बना शारीरिक सम्बंध शादी की श्रेणी में नहीं आएगा।

न्यायालय ने कहा कि हिंदू मैरेज अधिनियिम की धारा 16 इस तरह के सम्बन्धों को विवाह की मान्यता नहीं देती है। न्यायालय दो पत्नियां रखने वाले एक व्यक्ति के मामले की सुनवाई कर रहा था।

इसमें व्यक्ति के दूसरी बार शादी करना साबित होने पर उसे अवैध घोषित कर दिया। हालांकि, उसकी दूसरी पत्नी से जन्मे बच्चे को संपत्ति में अधिकार दिया गया है।

📲 Get समाचार on Whatsapp 💬