👉सबरीमाला मंदिर: ऑल केरल ब्राह्मण 😲एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका 📄दाखिल की

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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ऑल केरल ब्राह्मण एसोसिएशन ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस याचिका में कहा गया है कि 28 सितंबर को आया फैसला पूरी तरह से तर्कहीन है। याचिका में कहा गया है सुप्रीम कोर्ट को फिर से अपने फैसले पर विचार करना चाहिए।

ऑल केरल ब्राह्मण एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि जिन लोगों ने महिलाओं के प्रवेश पर उम्र के प्रतिबंध को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई, वे भगवान अयप्‍पा के भक्‍त नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मंदिर के प्रमुख देवता भगवान अयप्‍पा के लाखों भक्‍तों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है।

गौरतलब है कि 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केरल के सबरीमाला स्थित अय्यप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी थी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 4:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव है और इससे हिन्दू महिलाओं के अधिकारों का हनन होता है।

इधर, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सबरीमाला मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की। भागवत ने कहा कि फैसला दोषपूर्ण है क्योंकि इसमें सभी पहलुओं पर विचार नहीं किया गया और इसलिए इसे सहजता से स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इससे पहले दिन में न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए काम कर रहीं पत्रकार सुहासिनी राज को सबरीमाला मंदिर जाने के रास्ते में प्रदर्शनकारियों द्वारा रोका गया। पुलिस ने कहा कि भारी भीड़ को देखते हुए राज वापस हो गईं। विरोध प्रदर्शनों और बंद की वजह से केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बसें बंद रखी।

मंदिर में महिलाओं की एंट्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस बल के बीच हिंसक झड़प। प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना कुछ पत्रकारों को करना पड़ा, कई पत्रकारों को चोटें आई। उनके वाहनों पर हमले किए गए। हालात को बेकाबू देखते हुए प्रशासन ने चार स्थानों पंपा, निलक्कल, सान्नीधानम, एलावुंगल पर धारा 144 लगा दी है।

प्रवीण तोगड़िया के नेतृत्व में दक्षिणपंथी संगठन ‘अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद’और ‘सबरीमला समरक्षणा समिति’ने मध्यरात्रि से 24 घंटे के लिए केरल बंद का आव्हान किया है। कल की हिंसा के बाद डर और बंद का असर साफ तौर पर दिख रहा है। बीजेपी और एनडीए के अन्य सहयोगियों ने सबरीमला एक्शन काउंसिल की ओर से आहूत की गई 12 घंटे की हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। यह हड़ताल श्रद्धालुओं के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में बुलाई गई है।

यहां देखें फोटो-http://v.duta.us/T-5FHwAA

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