[azamgarh] - रामेश्वर की स्थापना के बाद लगे हर-हर महादेव के जयकारे

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आजमगढ़। नगर के पुरानी कोतवाली की रामलीला में बुधवार की रात रामेश्वर स्थापना, रावण-बालि संवाद का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। रामेश्वर स्थापना होते ही हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। वहीं रावण और बालि के बीच हुए संवाद ने सभी का मन मोह लिया। बिहार प्रदेश के दरभंगा से आए कलाकारों ने रामेश्वर स्थापना मंचन के क्रम में समुद्र पार करने से पूर्व भगवान श्रीराम भोले भंडारी की पूजा करने के लिए शिवलिंग की स्थापना करते हैं। रामेश्वर की स्थापना होते ही पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। प्रभु राम अंगद को दूत बनाकर रावण की सभा में भेजते हैं। जहां अंगद और रावण के बीच वाकयुद्घ होता है। इसके बाद अंगद अपने पैर को जमाकर खड़े हो जाते हैं। सारे राक्षण उनके पांव को हिला भी नहीं पाते हैं। तब रावण स्वयं पैर उठाने के लिए चलता है। जैसे ही वह पैर उठाने के लिए झुकता है अंगद अपना पैर हटा लेते हैं और रावण को राम के पैरों में गिरने की सलाह देते हैं। जहानागंज प्रतिनिधि के अनुसार मुस्तफाबाद गांव की रामलीला के छठें दिन कलाकारों ने खर दूषण वध और सूपर्णखा के नाक, कान कटने और उसका रावण के पास जाना, सीता हरण का मंचन किया गया। इसके बाद राम की सुग्रीव की मित्रता, बालि वध का मंचन हुआ। अंबारी प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर तहसील के ओरिल बाजार की रामलीला में छठवें दिन कलाकारों ने सीता हरण वृतांत का मंचन किया। सोने के मृग के चक्कर में राम कुटी से दूर जाते हैं। मृग बने मारीच के आवाज लगाने के बाद सीता लक्ष्मण को भी उनके पास भेज देती हैं। लक्ष्मण के जाने के बाद रावण साधु वेष में सीता का अपहरण कर लेता है। राम और लक्ष्मण विकल होकर सीता को खोजते हैं। सरायमीर प्रतिनिधि के अनुुसार श्री राम लीला सेवा समिति के तत्वाधान में मंगलवार को श्रीराम जी की झांकी सरायमीर ठाकुर द्वारा स्थित राम जानकी मंदिर से निकाली गई। जो सब्जी मंडी, चौक होते हुए रामलीला मैदान में पहुंची। नगर में जगह जगह लोगों ने प्रभु श्रीराम और माता सीता की आरती उतारी। वहीं पवई लाडपुर में राम वनगमन और कैकेई कोपभवन का मंचन किया गया। फूलपुर प्रतिनिधि के अनुसार दशहरा कमेटी की ओर से बुधवार को प्रभु श्रीराम की झांकी निकाली गई। रथ पर प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन और माता सीता के साथ हनुमान को बैठा कर पूरे कस्बा में भ्रमण कराया गया। रामरथ मां भवानी मंदिर से निकलकर मंगल बाजार, शनिचर बाजार, रोडवेज, शंकर तिराहा पहुंचा। जहां दर्शन करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।...

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