[kota] - रामनवमी विशेष: जिन्हें देवी मान पूज रहे, आज उन्हीं को कर रहे कत्ल

  |   Kotanews

कोटा. जिन नन्हीं बेटियों को दुनिया में आते ही ममता, दुलार, स्नेह, प्यार व सुरक्षा का अहसास कराती बाहें मिलनी चाहिए थी, उन्हें जन्म के बाद नाले-नालियां, कचरा-गंदगी का ढेर, कंटीली झाडिय़ां नसीब हुई। निर्दयी मां और स्वजनों ने ही उन्हें दुनिया में आने से पहले ही दुत्कार दिया। पिछले छह साल में 33 बच्चों का गर्भ में ही कत्ल कर दिया गया। वर्ष 2012 से मई 2018 तक 33 भू्रण हत्या के मामले शहर के विभिन्न थानों में दर्ज हुए। इनमें से 10 अविकसित मिले। वहीं, 12 बालक व 11 बालिका भ्रूण थे।

जन्म के बाद दुत्कारें 16 नवजात

तमाम मुश्किलों के बाद 16 बच्चे जन्म ले सके। इनमें से केवल तीन को ही जिंदगी मिली, शेष 13 को मौत। जीवित कन्या व बालक पालना गृह से होते हुए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं में आज जिंदगी के उतार-चढ़ाव से रूबरू हो रहे हैं। मासूम की आंखों में मां का स्नेह व सुरक्षा का अहसास कराता पिता का साया उन पर न होने का मलाल दिलों में कहीं दबा है।...

फोटो - http://v.duta.us/UIKklAAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/gKXHvwAA

📲 Get Kota News on Whatsapp 💬