[raipur] - बघेरा गांव के पैरा के सुरता

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छत्तीसगढ़ ल धान के कटोरा के संगे-संग लोककला के कुबेर तको केहे जाथे। अइसन कुबेर के सबले बड़का कोठी दुरूग जिला के तीर म बसे बघेरा गांव ल माने जाथे। काबर कि सबले पहिली इही गांव के भुइंया म दाउ रामचंद देसमुख ह छत्तीसगढ़ी गीत-संगीत अउ नाचा गम्मत ल आगू बढ़ाय के अलख जगाय के अजर-अमर जोत जलाइस। इहें ले बछर 1971 म 'चंंदैनी गोंदाÓ अउ 1982 म छत्तीसगढ़ के सबले बड़े लोक नाटक 'कारीÓ ल जनमन ल देखाय के काम दाउजी करे रिहिन। दाउजी संग जुड़े के मउका मोला लोक नाट्य 'कारी' म सरपंच अउ सूत्रधार के भूमिका निभांय के बेरा म मिलिस। छत्तीसगढ़ के नामी-गिरामी कलाकारमन बघेरा म जुरियायं अउ दाउजी के कोठार के पैरा म सुतत-बइठत अपन-अपन रोल के रिहरसल करंय।...

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