[raipur] - सबरीमला ही नहीं, छत्तीसगढ़ में भी है ऐसे प्राचीन मंदिर, जहां महिलाएं नहीं कर सकती प्रवेश

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दाक्षी साहू@भिलाई. केरल के सबरीमला मंदिर में प्रवेश के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भले ही महिलाओं को हरी झंडी दे दी है, लेकिन छत्तीसगढ़ के एक-दो नहीं बल्कि आधा दर्जन प्राचीन मंदिरों में आज भी महिलाओं का प्रवेश वर्जित है।छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में स्थित मावली माता और नरसिंहनाथ मंदिर में महिलाओं ने लगभग पिछले 200 सालों से कदम नहीं रखा है।आइए जानते हैं ऐसे मंदिरों और उससे जुडी मान्यताओं के बारे में....

मावली माता मंदिर: गर्भवती स्त्री के साथ पति का प्रवेश भी वर्जित

बालोद जिले के पुरुर में आदिशक्ति मावलीमाता मंदिर में गर्भवती स्त्री के साथ उसके पति का भी मंदिर प्रवेश वर्जित है।यहां के बैगा (पुजारी) के अनुसार एक बार सपने में भू-गर्भ से निकली माता मावली दिखाई दीं। माता ने उस बैगा से कहा था कि वह अभी तक कुंवारी हैं, इसलिए उनके दर्शन के लिए महिलाओं का यहां आना वर्जित रखा जाए। तब से इस मंदिर में सिर्फ पुरुष ही दर्शन के लिए आते हैं। कुछ ऐसी ही परंपरा का पालन दुर्ग जिले के अंडा में स्थित जय सहोदर राउत बाबा नरसिंहनाथ मंदिर में किया जाता है। मंदिर का प्रसाद नाबालिग लड़कियां खा सकती हैं, पर मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकतीं।...

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