[sikar] - मंदिर भी है और मूर्ति भी, लेकिन दोनों में दूरी 108 किमी की, बेहद रोचक है पूरी स्टोरी

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सीकर. मूर्ति भी है और मंदिर भी, लेकिन दोनों के बीच करीब 108 किलोमीटर की दूरी बनी हुई है। यह दूरी भी करीब बीस वर्ष से अधिक समय से बनी हुई। पुलिस के कानून व अन्य नियमों के चलते मूर्ति मंदिर में नहीं आ रही। इस कारण शहर के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक राजराजेश्वरी मंदिर में करीब बीस वर्ष से अधिक समय से मुख्य मूर्ति के बिना ही पूजा की जा रही है। इस कारण श्रद्धालु परेशान हैं। श्रद्धालु कई वर्षों से मूर्ति वापस लाने की गुहार कर रहे हैं, लेकिन मूर्ति को नहीं लाया जा रहा।

गढ़ में स्थित मंदिर के पुजारी आदित्य शर्मा व अन्य ने बताया कि सही तारीख तो याद नहीं है, लेकिन संभवत वर्ष 1995 से 98 के बीच मंदिर के गृभगृह में स्थित महिषासुर मर्दिनी की बेशकीमती मूर्ति को चोर ले गए। इसके लिए पुलिस में लिखित शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। इसके बाद 29 मई 2002 को जयपुर में पुलिस ने मूर्ति चोर गिरोह पकड़ा।...

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