[umaria] - चूल्हा बर्तन से मना किया तो रोक दिया वेतन

  |   Umarianews

उमरिया. पिछले कई सालों से अपने अधिकारी के घर दैनिक वेतन भोगी बिना किसी विरोध के बर्तन झाड़ू कर रहा था,समाजिक दबाव में आकर जब इसका विरोध दैनिक वेतन भोगी ने किया तो अधिकारी ने गोपनीय चित्रावली खराब करने की बात कही साथ ही पिछले कई माह से वेतन भुगतान न कर अब मानसिक प्रताडऩा दे रहा है,जिससे पूरा परिवार परेशान है। इस मामले में पीडि़त दैनिक वेतन भोगी ने कमिश्नर से भी शिकायत की है जिसमे इस बात का उल्लेख है कि वर्ष 2009 से जिला अस्पताल स्थित जिला मलेरिया विभाग में पीडि़त दैनिक वेतन भोगी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा है,इस दौरान उसे बराबर परिश्रमिक दिया जा रहा था,परन्तु अभी मार्च माह से पारिश्रमिक अकारण नही दिया जा रहा है,जिससे परिवार के भरण पोषण में भारी दिक्तत आ रही है।पीडि़त दैनिक वेतन भोगी अरुण कुमार पिता स्वर्गीय शत्रुघ्न प्रसाद पाठक की माने तो वेतन भुगतान को लेकर जिला मलेरिया अधिकारी दुर्गा प्रसाद पटेल वेतन को कई बार जिम्मेदार अधिकारियों ने बाकायदा पत्र जारी कर वेतन भुगतान की बात कही है, परन्तु अकारण वेतन भुगतान नही किया गया,उसने यह भी बताया कि इस बावत गतवर्ष भी सम्बन्धित अधिकारी अकारण वेतन रोक दिए थे,जिसके बाद तत्कालीन सीएमएचओ ने नोटिस दिया था,जिसके बाद पीडि़त को वेतन दिया गया था। पीडि़त स्वास्थ्य कर्मी की माने तो वर्ष 2016 से जिला मलेरिया अधिकारी श्री पटेल की पदस्थापना के बाद से ही बिना किसी कारण प्रताणना का शिकार रहॉ हु। पीडि़त स्वास्थ्य कर्मी अरुण पाठक की माने तो सेवाओं के दौरान उक्त अधिकारी अपने घर पर बर्तन झाड़ू जैसे कार्य करा रहा था,समाजिक दबाव के चलते जब हमने घर के कामो के लिए मना किया तो वेतन भुगतान पर ही रोक लगा दी। बताया जाता है कि सम्बन्धित अधिकारी पिछले कई माह से वेतन भुगतान न करने को लेकर नियुक्ति फर्जी होने की बात कह रहा है,सवाल इस बात का है कि पिछले 9 वर्ष से अपनी सेवाएं दे रहे पीडि़त की नियुक्ति को लेकर अभी तक क्यों नही किसी अधिकारी ने सवाल उठाए,और अगर नियुक्ति फर्जी होने की जानकारी प्रबन्धन को थी,तो अब तक उसे किसकी सह पर नियम विरुद्ध तरीके से वेतन दिया जा रहा था, इस मामले में सीएमएचओ राजेश श्रीवास्तव ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की है,जो मामले की जांच कर रहा है। मामले पर सीएमएचओ ने कहा है कि जांच उपरांत जो भी दोषी सिद्ध होगा उचित कार्यवाही की जायेगी।इस पूरे मामले मे पीडि़त दैनिक वेतन भोगी ने सम्बन्धित अधिकारी पर घरेलू कार्य कराने का जो गम्भीर आरोप लगाया है,वह चिंतनीय होने के साथ सामाजिक रूप से भी उचित नही कहा जा सकता,इसके अलावा इस आरोप से स्वास्थ्य सम्बन्धी बजट के भी हो रहे दुरुपयोग की कलई खुलती है,जरूरी है कि सरकारी पैसों में अपनी धौंस जमा रहे इन अधिकारियों पर भी जरूरी कार्यवाही की जानी चाहिए।पीडि़त ने कलेक्टर माल सिंह को भी अपनी शिकायती व्यथा सुनाते हुवे वेतन भुगतान करने की मांग की है।इस मामले में सीएमएचओ राजू श्रीवास्तव ने बताया कि मामले पर जांच टीम गठित की गई है जांच प्रतिवेदन आने पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।

फोटो - http://v.duta.us/epKTrgAA

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/POkD2gAA

📲 Get Umaria News on Whatsapp 💬