🚁राफेल डील पर किसी भी जांच 🕵के लिए तैयार: दसॉ एविएशन

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दैसॉ एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर ने कहा है कि रिलायंस ग्रुप के साथ साल 2012 से उनकी कंपनी का रिश्ता है और उनकी कंपनी राफेल डील में किसी भी जांच के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि इस डील में करप्शन नहीं हुआ है और भारत या फ्रांस में कोई भी जांच होने पर यह बात वह 'साबित कर देंगे।

ट्रैपियर ने ईटी को दिए इंटरव्यू में कहा कि एनडीए सरकार ने जिस भाव पर डील की, वह उस दाम से 9 प्रतिशत कम है जिस पर 2014 से पहले चर्चा की गई थी। उन्होंने कहा कि रिलायंस डिफेंस को इस डील के लिए केवल 850 करोड़ रुपये के ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 'अंबानी फैमिली' के साथ दैसॉ की बातचीत साल 2012 से होती रही है।

ट्रैपियर ने कहा कि रिलायंस के साथ हमारी पार्टनरशिप है, लेकिन इसकी शुरुआत 2011 में हुई थी जब हम भारत में एक पार्टनर तलाश रहे थे। हमने पाया कि रिलायंस हमें फसिलिटीज देने और इस देश की जानकारी देने में सक्षम है क्योंकि भारत में कारखाना लगाना इतना आसान नहीं होता। ऐसे में जानकारी रखने वाले की जरूरत होती है।

दसॉ के साथ रिलायंस डिफेंस के जॉइंट वेंचर को 30 हजार करोड़ रुपये के ऑफसेट्स दिए जाने के आरोप पर ट्रैपियर ने कहा कि यह आंकड़ा गलत है और इस कंपनी के लिए 850 करोड़ रुपये के काम की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अभी इस जेवी में हमने 70 करोड़ रुपये का कैपिटल इन्वेस्टमेंट किया है। इस जेवी में 51 प्रतिशत हिस्सा रिलायंस का है, लिहाजा मैंने इस 70 करोड़ का 9 प्रतिशत निवेश किया है।

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