👉हालिया घटनाओं ने सीबीआई की 😱विश्वसनीयता को खत्म कर दिया👊 था: अरुण जेटली

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सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है. सीजेआई रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की. इस बेंच में सीजेआई के अलावा जस्टिस एसके कौल और जस्टिस केएम जोसेफ शामिल थे.

सुप्रीम कोर्ट ने ताजा विवाद पर केंद्र सरकार को नोटिस भेजते हुए कहा कि सीवीसी आलोक वर्मा के खिलाफ दो हफ्ते में जांच पूरी करे. वहीं इस मामले पर सुनवाई करते हुए सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की देखरेख में इस मामले की जांच होगी.

इधर कोर्ट के फैसले के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया से कहा है कि वर्तमान सीबीआई विवाद में यह एक बेहद ही सकारात्मक विकास है. किसी भी व्यक्ति या उसके खिलाफ सरकार की कोई रुचि नहीं है. सरकार केवल सीबीआई के व्यावसायिकता, छवि और संवैधानिक अखंडता को बनाए रखने में सीरुचि रखती है.

आज सुप्रीम कोर्ट ने निष्पक्ष मानदंडों को और मजबूत किया है. निष्पक्षता में उच्चतम मानक बनाए रखने के लिए उन्होंने एक समय सीमा निर्धारित की और जांच में भी एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश नियुक्त किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीवीसी जांच बेहद ही पारदर्शी है.

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हालिया घटनाओं ने सीबीआई की विश्वसनीयता को खत्म कर दिया था. निष्पक्षता के हित में सीवीसी ने एक आदेश पारित किया कि जब तक सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच लंबित नहीं हो जाती है, तब तक उन्हें इन सब से अलग रहना चाहिए और जांच समाप्त होने तक सीबीआई के कामों में दखल नहीं देना चाहिए.

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