[lalitpur] - सलाह: फसल बुवाई से पहले करें बीज का शोधन

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फसल बुवाई से पहले करें बीज का शोधन

ललितपुर। रबी फसलों जैसे गेहूं, चना, मटर, मसूर व राई/सरसों की बुवाई का समय चल रहा हैं। इसे ध्यान में रखकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को बीज शोधन की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान भाई अपनी फसलों को कीट/रोगो के प्रकोप से बचाने के लिए उपरोक्त फसलों की बुवाई के पूर्व बीजशोधन और भूमि शोधन अवश्य करें क्योंकि अधिकांशत: कीट व रोग, बीज एवं भूमि जनित होते है। जब बीज एवं भूमि का शोधन कर बुवाई की जायेगी तो फसलें कीट व रोग से सुरक्षित रहेगी।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि बीज बीजो को बोने से पूर्व ट्राईकोडर्मा 3-4 ग्राम मात्रा/किलोग्राम बीज अथवा कार्बेन्डाजिम 2-2.5 ग्राम मात्रा/किलोग्राम बीज अथवा थीरम 2 ग्राम मात्रा/किलोग्राम बीज की दर से फसल बोने के पूर्व बीज के साथ मिलाकर उपचारीत करके ही बुवाई करे। इसके साथ ही भूमिशोधन के लिए 2.5 किलोग्राम ब्यूवैरिया बैसियाना को प्रथम जुताई के समय खेत में हवा की विपरीत दिशा में प्रति हैक्टेयर की दर से छिडक दे। तथा 2.5 किलोग्राम ट्राईकोडर्मा को 65 किलोग्राम गोबर की खाद में मिलाकर किसी छायादार स्थान के नीचे भीगे हुए टाट के बोरे से ढककर प्रतिदिन थोडा-थोडा पानी, नमी बनाये रखने हेतु छिडकते हुए 10 दिन बाद फसल की बुवाई से पूर्व भूमि में मिलाकर प्रति हैक्टेयर की दर से भूमिशोधन करें। जिससे कीट एवं रोगों का नियंत्रण हो सके। साथ ही खडी अवस्था में रबी फसलों में अनेक प्रकार के कीट/रोग लगने की सम्भावना होती है इसके लिए किसान भाई समय-समय पर फसलो की निगरानी करते रहें तथा उचित प्रकार के कीट/रोग नाशक रसायनो का छिडकाव करें। जनपद के समस्त कृषक बन्धुओं को सूचित किया जाता है कि कृषि विभाग उ0प्र0 के कृषि रक्षा अनुभाग द्वारा फसलों में कीट/रोग सम्बन्धी समस्या के समाधान हेतु सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली (पीसीएसआरएस) एक नवीन प्रणाली संचालित है। इसमें विभाग द्वारा दो नम्बर 9452247111 एवं 9452257111 दिये गये है। इन नम्बरों पर आप अपना कृषक पंजीकरण नम्बर या अपना नाम, ग्राम का नाम, विकास खण्ड, जनपद का नाम एवं फसल में लगने वाले कीट/रोग का नाम, लक्षण/फोटो सहित विवरण उपरोक्त नम्बरों पर एसएमएस/व्हाट्सअप के माघ्यम से भेजकर अपनी समस्या का समाधान 48 घण्टें में प्राप्त कर सकते है। उन्होंने सभी कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी दुकान के बाहर रेट बोर्ड, स्टाँक बोर्ड अवश्य लगायें। प्रत्येक कृषक को कैश मेमों जारी करें। कृषकों को कृषि रक्षा रसायनों के प्रयोग के सम्बन्ध में आवश्यक प्रयोग विधि/निर्देर्शों की भी जानकारी से अवगत करायें एवं कीटनाशी अधिनियम के अंतर्गत सुसंगत नियमों का आवश्यक रूप से पालन करें।

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