[sagar] - देहदान कर दिया संदेश, प्रैक्टिकल कर विद्यार्थी बढ़ाएंगे ज्ञान

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बीना. जीवन में कुछ बड़ा करना है तो सोच सकारात्मक होना चाहिए। जिसका जीता-जागता उदाहरण जैन दंपती हैं। जिन्होंने देहदान करके समाज को संदेश दिया कि इस शरीर का उपभोग तो सारी जिंदगी किया अब इसके उपयोग करने का समय है।वीरसावकर वार्ड निवासी सुरेशचंद जैन (75) व उनकी पत्नी सुधा जैन (71) ने मृत्यु के बाद बुंदेलखंड चिकित्सा कॉलेज के एनाटॉमी विभाग के छात्रों को शिक्षण के लिए नवंबर 2015 में शपथ-पत्र देकर देहदान किया था। गुरुवार को सुधा जैन की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनका देह सागर बीएमसी पहुंचाया गया है। उनकी मृत्यु के पश्चात शहर के सभी समाज के लोगों ने उनकी शव यात्रा में शामिल होकर अंतिम दर्शन किए। इसके बाद सुबह करीब साढ़े दस बजे एक निजी वाहन से श्रीमति जैन का देह सागर पहुंचाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे जिन्होंने देहदान का महत्व भी समझा। मृत्यु पूर्व श्रीमति जैन ने कहा था कि शरीर से मेडीकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपनी शिक्षा को पूरा कर सकेंगे। क्योंकि देहदान हर किसी के द्वारा नहीं किया जाता है, जिससे शिक्षा प्राप्त करने वाले मेडीकल के विद्यार्थियों को प्रेक्टिकल में कठिनाई होती है। इसलिए देह का उपयोग वो कर सकेेंगे।...

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