👀मार्शल लॉ की तैयारी में यूक्रेन, 😳अजोव सागर पर रूस से 🗣 विवाद गहराया

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रूस ने यूक्रेन के तीन नौसैनिक जहाजों पर हमला करके उन्‍हें अपने कब्‍जे में ले लिया है। इसके चलते क्रीमियाई प्रायद्वीप में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है। इस बीच दोनों मुल्‍कों के बीच एक-दूसरे पर आराेप-प्रत्‍यारोप का दौर जारी है। इस बीच यूक्रेन में डिफ़ेंस काउंसिल की बैठकों का दौर जारी है। इस बीच यूरोपीय संघ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए रूस से कहा कि यूक्रेन को कर्च से अज़ोव सागर में अपने हिस्से में जाने से न रोका जाए। नाटो ने भी इस मामले में यूक्रेन का समर्थन किया है।

उधर, रूस का दावा है कि यूक्रेन के जहाज अजोव सागर में गैरकानूनी ढंग से उसकी जल सीमा प्रवेश किए हैं। रूस का यह भी कहना है कि यूक्रेनी नौकाएं काला सागर पर ओडेसा से अज़ोव सागर में मारिपोल के लिए अपना रास्ता बना रही थीं। इसके बाद रूस ने कर्च में तंग जलमार्ग पर एक पुल के नीचे टैंकर तैनात करके आज़ोव सागर की ओर जाने वाला रास्ता बंद कर दिया। रूसी सेनाओं ने यूक्रेनी नौसेना के बोट और दो तोपखाने जहाजों को जब्त कर लिया है।

दरअसल, अज़ोव सागर की जलीय सीमाएं रूस और यूक्रेन के बीच बंटी हुई हैं। ये सागर ज़मीन से घिरा हुआ है और काला सागर से इस तंग रास्ते से होकर ही इसमें प्रवेश किया जा सकता है। यह एक साझा क्षेत्रीय क्षेत्र है। वर्ष 2014 में रूस ने क्रीमियाई प्रायद्वीप पर कब्‍जा किया है। अज़ोव सागर में यह एकमात्र संकीर्ण मार्ग है, जहां रूस ने इस ब्रिज को बनाने के लिए लाखों पौंड खर्च किया है। इस क्षेत्र में बड़ी तादाद में रूसी नौसेना मौजूद है।

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