[hanumangarh] - कल की बैठक में तय होगा अगले माह का शेयर

  |   Hanumangarhnews

पांच राज्यों का हिस्सा निर्धारित करने को लेकर चंडीगढ़ में होगी बीबीएमबी की बैठक

हनुमानगढ़. दिसम्बर में राजस्थान की नहरों में चलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण २६ नवम्बर को बीबीएमबी की होने वाली बैठक में किया जाएगा। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता आमतौर पर इस बैठक में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। लेकिन उनकी व्यस्तता के चलते एसई चंडीगढ़ ही इस बैठक में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। वर्तमान में प्रदेश में रबी फसलों की बिजाई का कार्य चल रहा है। इस लिहाज से इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह ग्रुप में चलाने जितना पानी देने की मांग राजस्थान के अधिकारी बीबीएमबी की बैठक में करेंगे। पौंग व भाखड़ा बांध का जल स्तर जिस हिसाब से है, उसके हिसाब से दिसम्बर में भी मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलना लगभग तय है। इससे किसानों को रबी फसलों की बिजाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। गौरतलब है कि 1981 में पांच राज्यों के बीच हुए जल समझौते के तहत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर में पेयजल तथा सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के लिए पांचों राज्यों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हर माह चंडीगढ़ में होती है। बीबीएमबी की बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में डैम के जल स्तर के अनुपात में राज्यों को पानी वितरित किया जाता है। 21 मई से 21 सितंबर तथा फिलिंग अवधि तथा 21 सितंबर से 20 मई तक डिप्लिशन अवधि के हिसाब से विभिन्न राज्यों को वितरित होने वाले पानी के हिस्से का निर्धारण होता है। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, झुंझुंनू, सीकर आदि जिलों को जलापूर्ति होती है। इसके अलावा भाखड़ा व गंगकैनाल नहरों के जरिए भी हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मानें तो जाते मानसून ने अच्छी मेहरबानी दिखाई, जिसके चलते भाखड़ा, पौंग व रणजीतसागर बांधों में पानी की अच्छी आवक हुई। इससे सभी बांधों के जल स्तर में काफी सुधार हुआ। दूसरी तरफ हिमालय के आसपास अच्छी बर्फबारी होने के कारण मई-जून में जब बर्फ पिघलेंगे, उस समय खरीफ सीजन के लिए भी पर्याप्त पानी मिलने के आसार हैं। किसानों को रबी व खरीफ सीजन में बिजाई व पकाई के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद है। हलांकि मार्च के बाद 70 दिन की नहरबंदी की बात भी अधिकारी कह रहे हैं। बजट भी इसके लिए मंजूर हो चुका है। इस स्थिति में रेग्यूलेशन का क्या होगा, इस बारे में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। वर्तमान में इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाया जा रहा है। इससे किसान रबी फसलों की बिजाई में जुटे हैं।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/BUlEigAA

📲 Get Hanumangarh News on Whatsapp 💬