[hanumangarh] - राज्यों का हिस्सा निर्धारित करने को लेकर चंडीगढ़ में हुई बैठक, इंदिरागांधी नहर पर शेयर में कमी का पड़ेगा सर्वाधिक असर

  |   Hanumangarhnews

हनुमानगढ़. २४ दिसम्बर के बाद राजस्थान के शेयर में कटौती कर दी जाएगी। इससे पहले तक प्रदेश का शेयर यथावत रहेगा। नहरों में चनले वाले पानी का शेयर निर्धारित करने को लेकर सोमवार को चंडीगढ़ में संपन्न हुई बैठक में बीबीएमबी सदस्यों ने आगे की जरूरतों का ध्यान रखते हुए राजस्थान के प्रतिनिधियों को शेयर में कमी करवाने की सलाह दी। जिससे आगे पकाई के वक्त सिंचाई पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़े। लेकिन राजस्थान के अधिकारियों ने कहा कि अभी बिजाई का पीक सीजन चल रहा है। इस स्थिति में अभी कटौती का कोई सवाल ही नहीं। काफी देर तक चर्चा करने के बाद आखिरकार बीबीएमबी सदस्यों ने २४ दिसम्बर तक राजस्थान को १०७५० क्यूसेक पानी देने पर सहमति जताई। इसके बाद शेयर में कटौती कर २५ दिसम्बर से शेयर दस हजार क्यूसेक करने का निर्णय लिया गया। इससे स्पष्ट है कि २४ दिसम्बर तक इंदिरागांधी नहर में सिंचाई पानी का कोई संकट नहीं रहेगा। इस अवधि तक इस नहर को चार में दो समूह में चलाया जाएगा। इसके बाद की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पानी की उपलब्धता के हिसाब से २४ दिसम्बर के बाद का रेग्यूलेशन निर्धारित किया जाएगा। जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता केएल जाखड़ की व्यस्तता के चलते राजस्थान का प्रतिनिधित्व एसई चंडीगढ़ सतपाल बिश्नोई, एक्सईएन आरके सिंगला व एक्सईएन रेग्यूलेशन हनुमानगढ़ दिवाकर पांडे ने किया। गौरतलब है कि 1981 में पांच राज्यों के बीच हुए जल समझौते के तहत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर में पेयजल तथा सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के लिए पांचों राज्यों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हर माह चंडीगढ़ में होती है। बीबीएमबी की बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में डैम के जल स्तर के अनुपात में राज्यों को पानी वितरित किया जाता है। 21 मई से 21 सितंबर तथा फिलिंग अवधि तथा 21 सितंबर से 20 मई तक डिप्लिशन अवधि के हिसाब से विभिन्न राज्यों को वितरित होने वाले पानी के हिस्से का निर्धारण होता है। इंदिरागांधी नहर से हनुमानगढ़ के अलावा श्रीगंगानगर, चूरू, बीकानेर, नागौर, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, झुंझुंनू, सीकर आदि जिलों को जलापूर्ति होती है। इसके अलावा भाखड़ा व गंगकैनाल नहरों के जरिए भी हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है। २४ दिसम्बर तक इंदिरागांधी नहर को चार में दो समूह में चलाने जितना पानी मिलने के बावजूद इसके बाद शेयर की स्थिति क्या रहेगी, इसकी स्थिति हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन अधिकारियों की मानें तो पानी की उपलब्धता के हिसाब से इसके बाद राजस्थान के शेयर में कटौती की आशंका है। इससे इंदिरागांधी नहर पर सर्वाधिक असर पड़ेगा। वहीं मावठ के दौरान बांधों में पानी की आवक सुधरने पर आगे किसानों को मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलने की उम्मीद भी है।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/-AF06gAA

📲 Get Hanumangarh News on Whatsapp 💬