[kangra] - पदोन्नति कोटे में कटौती सहन नहीं: संघ

  |   Kangranews

पदोन्नति कोटे में कटौती सहन नहीं

टीजीटी कैडर से जुड़े अध्यापक संघों ने किया विरोध

मांगें न मानीं तो संघर्ष का बिगुल बजाएंगे अध्यापक

ज्वालामुखी (कांगड़ा)। टीजीटी काडर से जुड़े अध्यापक संगठनों ने मुख्य अध्यापक से प्रधानाचार्य पद पर वर्तमान पदोन्नति कोटे में किसी भी प्रकार की कटौती का कड़ा विरोध किया है। इस संदर्भ में इन संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में स्पष्ट किया है कि वर्तमान सरकार मात्र 4500 सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं के बहकावे में आकर टीजीटी कैडर से जुड़े 26,000 अध्यापकों के हितों से खिलवाड़ न करे। उन्होंने कहा कि सीधी भर्ती वाला स्कूल प्रवक्ता संघ सरकार को गुमराह करने के लिए अपनी संख्या 16000 बताता है, जबकि वे इस संख्या में 8000 पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता की संख्या को भी जोड़ रहे हैं, जबकि इनका अपना संगठन है, जो कि टीजीटी कैडर से संबंध रखता है और स्कूलों में उपप्रधानाचार्य के पदों का विरोध करता है। टीजीटी कैडर से जुड़े पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में प्रधानाचार्य के लगभग 1800 पदों में से 50 प्रतिशत कोटे के आधार पर पर 26000 टीजीटी के खाते में 900 पद आते हैं, जबकि 4500 सीधी भर्ती वाले प्रवक्ताओं के लिए 900 पद सुरक्षित हैं। संघ के नेताओं ने मांग की है कि वर्ष 2001 से वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में सृजित मुख्य अध्यापकों के 236 पदों को भरा जाए और सैनिक स्कूलों की तर्ज पर प्रदेश के सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में भी मुख्य अध्यापकों के पद सृजित किए जाएं तथा टीजीटी से पदोन्नति के समय लिए जाने वाले विकल्प को हटाया जाए। इस मौके पर हेड मास्टर ऑफिसर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेंद्र जरियाल, सचिव विजय परमार, प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी विकास धीमान, जिला प्रधान प्रदीप धीमान, महासचिव रजिंदर कपूर वित्त सचिव सतीश धीमान, महिंद्र बाड़ी, जीएस डढवाल, हंस राज सुग्गा, कुलवंत, विज्ञान अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुखजिंदर गुलेरी, राज्य सघर्ष समति प्रधान अशोक चौधरी, खंड देहरा प्रधान राजेश धीमान, सचिव मदन लाल आदि उपस्थित रहे।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/6fX4bgAA

📲 Get Kangra News on Whatsapp 💬