[kathua] - ‘दूसरों को आहत करने पर कभी नहीं पाएंगे शांति’

  |   Kathuanews

कठुआ। शहर के ब्राह्मण हाल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा को रविवार को विश्राम दिया गया। कथावाचक सुभाष शास्त्री ने धर्म और कर्म के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हम जो भी अच्छे या बुरे कर्म करते हैं, उसका फल भी हमें भोगना पड़ता है। इसलिए सदा ऐसे ही कर्म करें, जिससे सबका भला हो। जिन कर्मों से दूसरों को कष्ट हो, दुख हो, ऐसे कर्म कभी न करें। शास्त्री ने कहा कि आत्मा के विपरीत आचरण करने वाले अपने जीवन में दुर्दशा को प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य सदा शांति की तलाश में भटकता रहता है, लेकिन इस तथ्य को भूल गया है कि मन की शांति के लिए आवश्यक है निस्वार्थ होना। यदि आप दूसरों से ईर्ष्या करते हैं, दूसरों को आहत करते हैं और चाहते हैं आप को शांति प्राप्त हो, तो यह असंभव है। ब्यूरो

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/c1_CwQAA

📲 Get Kathua News on Whatsapp 💬