[sri-ganganagar] - कौन जीतेगा श्रीगंगानगर का रण, रोमांचक दौर में पहुंचा चुनावी समर

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कौन जीतेगा श्रीगंगानगर का रण, रोमांचक दौर में पहुंचा चुनावी समर

श्रीगंगानगर विधानसभा का चुनाव अब रोमांचक दौर में पहुंच गया है। जीत किसके सिर पर बंधेगी, यह तो समय ही बता पाएगा। लेकिन इतना तय है कि फील्ड में जनसंपर्क और लोगों से व्यक्तिगत रूप से एप्रोच में इस सीट पर लड़ रहे छह उम्मीदवार अधिक गंभीर दिख रहे है। ऐसे में जरा सी चूक या ढील होने पर समीकरण बिगड़ सकते है। प्रमुख दलों के लिए बागियों ने इस चुनाव को अब क्रिकेट के टी-टवेंटी मैच की तरह है। इस चुनाव से पहले यह दावा किया जा रहा था कि प्रमुख दलों के अधिकृत प्रत्याशियों में मुख्य मुकाबला होगा। लेकिन टिकट वितरण के बाद मचे घमासान और चुनाव मैदान में अनुभवी बागियों ने सारे समीकरण बिगाड़ दिए है। यहां तक कि कांग्रेस और भाजपा को अपने वजूद की लड़ाई लडऩे के लिए पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और रिश्तेदारों से यहां के मतदाताओं के बदले मूड को दुरुस्त कराने के लिए पापड़ बेलने पड़ रहे है। हालांकि ग्यारह दिसम्बर को परिणाम घोषित के बाद ही हकीकत सामने आएगी कि चुनाव की इस गुगली पिच पर कौनसा बैट्समैन कितना टिका और कितने रन वोटों के रूप में लिए। इस चुनाव में कांग्रेस ने जहां अशोक चांडक को टिकट दी है। वहीं भाजपा ने नए चेहरे विनीता आहुजा को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस से बगावत कर चुनाव मैदान में जयदीप बिहाणी और राजकुमार गौड़ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना भाग्य अजमा रहे है। इन दोनों ने सारे समीकरण बिगाड़ दिए है। वहीं भाजपा से बगावत करने वाले पूर्व मंत्री राधेश्याम गंगानगर और भाजपा से टिकट नहीं मिलने से खफा होकर बसपा का दामन पकडऩे वाले प्रहलाद टाक ने प्रत्याशी बनकर अब तक के विश्षेलकों का गणित बिगाड़ दिए है। इसी चुनाव मैदान में मौजूदा विधायक कामिनी जिन्दल ने फिर से जमींदारा पार्टी की उम्मीदवार के रूप में अपना प्रचार तेज कर दिया है। किसे वोट दे या किसे नहीं, यह उलझन अब उम्मीदवारों ने मतदाताओं पर केबीसी की तरह सवाल छोड़ दिया है।...

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