👉एमपी चुनावः नहीं थम रहा ईवीएम👊 विवाद, नायब तहसीलदार 👤सस्पेंड

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में वोटिंग के बाद स्ट्रांगरूम और ईवीएम की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने सरकारी मशीन को संदेह के घेरे में ला दिया है। कांग्रेस ने ईवीएम की सुरक्षा में सामने आ रही चूक पर सरकार और सरकारी मशीनरी पर हमला बोला है।

सागर में मतदान के 48 घंटे बाद गुरुवार की शाम स्ट्रांगरूम में ईवीएम पहुंचाए जाने के मामले को लेकर कमिश्नर मनोहर दुबे ने नायब तहसीलदार राजेश मेहरा को सस्पेंड कर दिया है। वहीं, मामले को तूल पकड़ते देख राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) ने सफाई दी है।

ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के एक दल ने दिल्ली में चुनाव आयोग का रुख और स्ट्रांग रूम के अंदर ईवीएम की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के सागर की खुरई विधानसभा में वोटिंग के 48 घंटे बाद, बिना नंबर प्लेट की एक स्कूल बस ईवीएम लेकर सागर जिला कलेक्टर के दफ्तर पहुंची। जबकि इन अतिरिक्त ईवीएमों को चुनाव के दो घंटे बाद जमा कराना था न कि दो दिन बाद।

बिना नंबर की गाड़ी में ईवीएम और वीवीपैट सहित 118 मशीनें खुरई से सागर लाने के मामले में सीईओ बीएल कांतारा राव ने सागर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह को जांच के आदेश दिए हैं।

मध्यप्रदेश कांग्रेस की चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को ट्वीट कर स्ट्रांगरूम के वीडियो सामने आने पर साजिश की आशंका जताई है।

एमपी इलेक्शन के सीईओ ने ट्वीट कर भरोसा दिलाया है, ''सभी ईवीएम सेफ, सिक्योर और सील हैं। हम व्यक्तिगत रूप से हर किसी को जवाब नहीं दे सकते, लेकिन लोगों का भरोसा बनाए रखने की पूरी कोशिश करेंगे।

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