[raigarh] - वन्य प्राणियों के नाम पर जारी मद को डकार रहे अधिकारी, बरमकेला परिक्षेत्र के अतर्गत गोमर्डा अभ्यारण्य में जमकर हो रही भर्राशाही

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रायगढ़. रायगढ़ वनमंडल के बरमकेला परिक्षेत्र अंतर्गत माड़ो शिल्ली जलप्रपात में वन विभाग के रेंजर वाके गंडेचर ने 20 लाख रुपए की लागत से एनीकट का निर्माण कराया और वह एक साल के अंदर रिसने लगा है। इससे उनके द्वारा कराए गए कार्य की गुणवत्ता का अंदाजा साफ पता चल रहा है। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार का यह कोई पहला उदाहरण नहीं बल्कि हकीकत में अकेले बरमकेला परिक्षेत्र में दर्जनों ऐसे केस हैं, जहां वन अधिकारियों ने सिर्फ अपने जेबे भरने के लिए गुणवत्ता को ताक में रखकर काम किया है।

बरमकेला परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गोमर्डा अभ्यारण्य अंतर्गत ही एक छोटा सा पिकनिक स्पॉट माड़ो शिल्ली स्थित है। यह हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचते हैं तो रात में यहां वन्य प्राणि विचरण करते हैं। ऐसे में इन वन्य प्राणियों के संरक्षण और विकास की आड़ में यहां के अधिकारी अपनी जेब भरने में लगे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण यहां 20 लाख की लागत से बना एनीकट है। वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक यह निर्माण छत्तीसगढ़ शासन वन विभाग से जारी बजट मद 3943 वन्य जीवों का संरक्षण एवं विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में किया गया था। इसका निर्माण यहां के रेंजर वायके गंडेचर के द्वारा किया गया था। रेंजर के द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य कराए जाने के कारण यह एनीकट एक साल के अंदर ही रिसने लगा है। जबकि रेंजर इसे परतदार चट्टानों के कारण रिसना बता रहे हैं।...

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