[ambedkar-nagar] - मिल प्रबंधन की हड़बड़ी से गेट के दोनों तरफ लगा गन्ना वाहनों का जाम

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अंबेडकरनगर। किसान हितों को लेकर चीनी मिल प्रबंधन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। चीनी मिल जल्द बंद करने की हड़बड़ी ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है। एक साथ बड़ी संख्या में किसानों को गन्ने की पर्ची जारी कर दिए जाने से चीनी गेट पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। गन्ने की तौल कराने में किसानों को 24 से 48 घंटे तक लाइन में खड़े होने के लिए विवश होना पड़ रहा है। प्रबंधन की इस घोर लापरवाही से किसानों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चीनी मिल गेट के दोनों तरफ दो से तीन किलोमीटर तक गन्ना लदे वाहनों की कतारें लग गईं हैं। लोगों को लाइन में खड़े होकर अपने नंबर का इंतजार करना पड़ रहा है। कड़ाके की इस गर्मी के बीच संबंधित गन्ना किसानों का बुरा हाल है। चीनी मिल अकबरपुर मौजूदा पेराई सत्र के समापन की तरफ तेजी से अग्रसर है। इस बीच सही आंकड़ा न तैयार होने के चलते चीनी मिल ने एक साथ बड़ी संख्या में किसानों को पर्ची जारी कर दिया। पर्ची मिलने के बाद किसानों की भीड़ लगातार चीनी मिल में बढ़ने लगी। तीन दिन से लगातार वाहनों का जमावड़ा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। चीनी मिल के दोनों तरफ करीब 2 से 3 किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग गई है। ट्राली पर गन्ना लाद कर किसान तौल कराने के लिए दो दिन से प्रतीक्षा कर रहे हैं, परंतु उनका नंबर नहीं आ पाया है। जाम में फंसे अकबरपुर के किसान शिवकुमार का कहना है कि चीनी मिल बंद करने की हड़बड़ी ने यह समस्या खड़ी की है। मिल प्रबंधन को किसान सुविधाओं का कोई ख्याल नहीं है। एक साथ बड़ी संख्या में पर्ची जारी कर देने की वजह से ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसानों को तौल कराने के लिए दो से तीन दिन तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। अन्नावां के किसान राजू पटेल व बंशीधर का कहना है कि एक साथ पर्ची जारी होने से जहां किसानों को गन्ने की छिलाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं, वहीं मिल तक गन्ना पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली का टोटा पड़ गया है। इन सब समस्याओं से उबरने के बाद अब मिल में गन्ने की तौल कराने के लिए दो से तीन दिन तक लाइन लगाना पड़ रहा है। मिल प्रबंधन की यही मनमानी रही तो किसानों का धीरे धीरे गन्ने की फसल से मोह भंग हो जाएगा। किसानों का कहना है कि पहले जैसे सामान्य ढंग से मिल चल रही थी, उसी तरह से कम से कम दो सप्ताह तक मिल चलना चाहिए था। इसके बाद सही तरीके से सर्वे रिपोर्ट तैयार कर पर्ची जारी करना चाहिए था। किसानों को परेशान करने व जल्द चीनी मिल बंद करने के लिए हड़बड़ी में उठाया गया यह कदम अब भारी पड़ रहा है। प्रशासन को मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। किसानों के पास अभी काफी मात्रा में गन्ना मौजूद है। ऐसे में मिल का संचालन सुचारु ढंग से कराया जाना आवश्यक है। किसान सुविधा का रखा जा रहा ख्याल मिल प्रबंधन किसान सुविधाओं का गंभीरता से ख्याल रख रहा है। तेजी से बदल रहे मौसम के रुख को देखते हुए किसानों का गन्ना जल्द खरीद के लिए पर्ची जारी की गई है। किसानों का तौल सुचारु रूप से हो, इसका पूरा प्रबंध किया गया है। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं। सभी किसानों के गन्ने की खरीद सुनिश्चित होगी। - अरविंद सिंह, मुख्य गन्ना प्रबंधक चीनी मिल अकबरपुर

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