[azamgarh] - बाबू की खिलाफ आरोप तैयार, हस्ताक्षर पर फैसला बाकी

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आजमगढ़। पिछलों दिनों मुख्य विकास अधिकारी ने विधायक और सासंद निधि के करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में 22 विद्यालयों पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार करने में प्रबंधन का पक्ष लेने पर पटल सहायक के खिलाफ पीडी को आरोप पत्र देने के निर्देश दिए थे। सीडीओ के निर्देश पर आरोप पत्र तो तैयार कर लिया गया है, लेकिन अब इस पर कोई अधिकारी साइन नहीं कर रहा है। पीडी नियोक्ता अधिकारी नहीं है, इसलिए साइन कौन करेगा इश पर संशय बना हुआ है। देर शाम तक साइन नहीं होने से मामला लटका हुआ था। पिछले दिनों मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जांच के बाद 22 विद्यालयों को निधि के 917 लाख रुपये गबन के मामले में नोटिस जारी की गई ती। इसके अलावा दो अन्य विद्यालयों को भी नोटिस जारी हुई थी। निर्धारित समय बीतने के बाद भी सिर्फ आधे विद्यालयों की ओर से अपना जवाब भेजा गया था। मुख्य विकास अधिकारी ने पटल देखने वाले बाबू राम प्रताप मौर्या को इन पर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव देने के निर्देश दिए थे। प्रस्ताव में गड़बड़ी मिलने और प्रबंधन का पक्ष लेने पर मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें पटल से हटा दिया था और प्रस्ताव तैयार करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इसके बाद डीआरडीए के परियोजना निदेशक को पटल सहायक राम प्रताप मौर्या से स्पष्टीकरण लेने और उनके खिलाफ आरोप-पत्र निर्गत करने के निर्देश दिए थे। पटल सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही उनके खिलाफ आरोप पत्र भी तैयार कर दिया गया है। इसके बाद आरोप पत्र पर हस्ताक्षर को लेकर पेच फंस गया है। देर शाम तक हस्ताक्षर न होने से आरोप पत्र देने का मामला अटका हुआ था। डीआरडीए में मामले में राजनीतिक दवाब को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम था।

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