[basti] - शादी-विवाह की खुशियों पर नोट का ग्रहण

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बस्ती। नकदी संकट दिनोंदिन भारी पड़ रहा है। बुधवार को भी बैंकों से लेकर एटीएम तक लंबी लंबी कतारें दिखीं। सबसे ज्यादा ऐसे खाताधारक परेशान हैं जिनके घर शादी-ब्याह जैसे आयोजन हैं। लीड बैंक मैनेजर से लेकर आरबीओ (रीजनल बिजिनेस ऑफिस) तक लोग डिमांड भेजने की बात कह रहे हैं।

नोटबंदी के दिनों में खेवनहार बने एचडीएफसी और एसबीआई के एटीएम केबिन 11 बजते-बजते कैशलेस हो गए। पुरानी बस्ती, कोर्ट एरिया, रोडवेज, मालवीय रोड, पक्के, कंपनी बाग, पुराना आरटीओ रोड स्थित एटीएम के भी यही हाल रहे। जिसे जहां जानकारी होती कि एटीएम से रुपये निकल रहे हैं वह वहीं चल पड़ता। इससे ज्यादा खराब हाल ग्रामीण क्षेत्रों और कस्बों की हो गई है।

मुंडेरवा प्रतिनिधि के मुताबिक भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में सुबह से लोग लाइन में लग गए जब शाम हुई तो खाली हाथ लौटे। इस शाखा में पिछले दो सप्ताह से नकदी संकट बरकरार है। उपभोक्ता गंगाराम ने बताया कि आज बुधवार को ही घर में विवाह कार्यक्रम है। हर जगह चक्कर लगा आया लेकिन रुपये नहीं मिले। जबकि लहुरादेवी, राजमती के यहां बेटी की शादी 20 अप्रैल को है। चार दिन से रुपये के लिए बैंक का चक्कर लगा रही हैं। डिप्टी मैनेजर विष्णु देव ने बताया कि बस्ती चेस्ट से ही रुपये कम मिल रहे हैं और जमा नाम मात्र ही हो रहा है। इससे नकदी का संकट है। नोट की कमी के कारण ही एटीएम बंद है। सच्चिदानन्द, नन्हे पाण्डेय, राजीव, सत्यप्रकाश, प्रेमचन्द, मधुलिका, सुष्मिता सिंह का कहना है कि तीन दिन से बैंक आ रहे हैं लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक बुधवार सुबह से ही पीएनबी में कैश आने का खाताधारक इंतजार कर रहे थे। कुछ समय बाद कैश वैन आई तो राहत की सांस ली लेकिन आवश्यकतानुसार नकदी नहीं मिलने पर मायूस हो गए। एसबीआई पहुंची विमला देवी ने बताया कि बेटी की शादी है। 50 हजार रुपये चाहिए। 15 हजार ही मिल पाया है। अंबिका प्रसाद ने बताया 24 हजार की जरूरत है दो दिन से दौड़ लगा रहा हूं। प्रहलाद और ध्रुव चंद के यहां बेटी की शादी है। सामान खरीदने के लिए रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। राधेश्याम यादव, कमलेश चौधरी, संतोष तिवारी आदि ने बताया कि स्टेट बैंक पुरैना, सल्टौआ के एटीएम बंद हैं। मजबूरी में बैंक में लाइन लगाया हूं। एसबीआई सल्टौआ के सहायक शाखा प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कैश कम आने से परेशानी हो रही है।

बनकटी प्रतिनिधि के मुताबिक स्थिति सामान्य रही लेकिन अधिकतम 10 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। एसबीआई और सिंडिकेट बैंक कैश की समस्या से जूझ रहे हैं। सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) के खाताधारकों को 500 से 2000 तक ही दिया जा रहा है। एसबीआई शाखा प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव कैश नहीं आने की बात कहते हैं। दिलीप कुमार गुप्ता, उमेश गुप्ता, बाबूराम वर्मा, सुधा देवी, माया देवी, फूलमती आदि ने बताया कि कई दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं। बच्चों का एडमिशन, गेहूं की कटाई और शादी विवाह है। इसमें रुपये की ही जरूरत है। एसबीआई के मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 52,000 खाताधारक हैं तथा 22 सीएसपी केंद्र से संचालित होते हैं, जिसमें 20 लाख मिले थे। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। रुधौली प्रतिनिधि के मुताबिक नोटबंदी जैसे हालात एक बार फिर जनता झेल रही है। लोहिया नगर के सुनील कुमार शुक्ला का कहना है कि 24 अप्रैल को बहन की शादी है औरतैयारियां अभी बाकी हैं। सब रुपये पर ही निर्भर है। जबकि बलेश्वरीनगर के उमेश पाठक के घर 25 अप्रैल को छोटे भाई का तिलक एक मई को शादी है। सभी रुपये के लिए चक्कर लगा रहे हैं।

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