[pithoragarh] - छापेमारी के बाद भी नहीं बदला निजी स्कूलों का रुख

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पिथौरागढ़। निजी स्कूलों में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन और शिक्षा विभाग की छापेमारी के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। छापेमारी और नोटिस भेजने के बाद भी निजी स्कूलों का रुख नहीं बदला है। छापेमारी के एक सप्ताह भर बाद भी निजी स्कूलों ने जवाब देने की जहमत नहीं उठाई है। अब तक आरोपी 13 स्कूलों प्रबंधन में से तीन ने ही नोटिस का जवाब दिया है। इससे प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई खुद सवाल बन गई है। निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने, निर्धारित दुकान से कापी, किताब, स्कूल ड्रेस की खरीद के लिए दबाव डालने आदि ढेरों शिकायतों को देखते हुए सरकार के निर्देश पर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने अभियान चलाकर स्कूल और दुकानों पर छापे मारे थे। छापेमारी में इन शिकायतों की पुष्टि हुई थी। इसके साथ ही निजी स्कूल छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते पकड़े गए थे। स्कूलों में मानकों के अनुसार अग्निशमन उपकरण और फर्स्ट एड किट तक नहीं मिले थे। स्कूलों में प्रिंटेड कापियों का इस्तेमाल हो रहा था। दुकानों पर भी स्कूलों की प्रिंटेड कापियां बिकती पाई गई। इस पर शिक्षा विभाग ने ऐसे 13 स्कूल प्रबंधनों को नोटिस भेजा था। निजी स्कूलों से एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का कहा गया था। इस कार्रवाई के बाद भी स्कूल प्रबंधनों के रुख में बदलाव नहीं आया है। निजी स्कूल प्रबंधनों की हठधर्मिता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अब तक तीन स्कूलों ने ही नोटिस पर जवाब भेजा है। जबकि छापेमारी को सप्ताह भर का वक्त बीत चुका है। इससे प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्रवाई के असर पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों को निजात नहीं मिल पाई है। इससे अभिभावकों के बीच विरोध के स्वर उठ रहे हैं। अभिभावक नरेंद्र कुमार, महेश पंत, कैलाश सिंह, विपिन पंत, शोभा देवी आदि का कहना है कि स्कूलों में छापेमारी के बाद भी तस्वीर नहीं बदली है। अभिभावकों ने दोषी स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। कोट नोटिस का जवाब न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में दोबारा खामियां मिली तो मान्यता निरस्त करने की अनुशंसा की जाएगी। डॉ. वीपी सिमल्टी, मुख्य शिक्षा अधिकारी, पिथौरागढ़

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