[pratapgarh] - दस मौतों को भूला प्रशासन, नाम बदलकर फिर खुला रेस्टोरेंट

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लगभग तीन साल पहले आग लगने से हुई दस लोगों की मौत के बाद बंद पड़े शहर के बाबागंज स्थित गोयल रेजीडेंसी/आर्यन होटल में नए नाम से बुधवार को फिर रेस्टोरेंट खुल गया। आग लगने से दस लोगों की जान चली गई थी। होटल में फंसे दर्जन भर लोग झुलसने के साथ जान बचाने के लिए खिड़की से कूदते समय घायल हुए थे। घटना के बाद नगर कोतवाली में होटल मालिक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे। तत्कालीन उप जिला मजिस्ट्रेट जेपी मिश्रा ने जर्जर हो चुके होटल के भवन को जमींदोज कराने का आदेश दिया था। बावजूद इसके रंगरोगन के बाद अब फिर नाम बदलकर इस बिल्डिंग में रेस्टोरेंट खोल दिया गया।

शहर के बाबागंज में 18/19 जून 2015 की रात गोयल रेजीडेंसी/आर्यन होटल में आग लग गई थी। चूंकि होटल का मेन शटर बंद था। जिसके चलते आग की चपेट में आने व दम घुटने से होटल में रुके दस लोगों की मौत हो गई थी। जबकि दर्जन भर से अधिक लोगों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने इलाहाबाद रेफर कर दिया था। इस घटना ने जिले के लोगों को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद होटल प्रबंधन से जुडे़ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पुलिस ने सुनील गोयल को मौके से ही हिरासत में ले लिया था। अधिकारियों की गठित टीम ने जांच की। जिसके बाद कई कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया। तत्कालीन उप जिलामजिस्ट्रेट सदर जेपी मिश्रा ने गोयल रेजीडेंसी/ आर्यन होटल के साथ ही उससे लगे भवन को जर्जर मानते हुए ध्वस्तीकरण का आदेश सुनाया था, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। मौका पाकर बीच में होटल को साफ सफाई के नाम पर खोलने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारियों ने बंद करा दिया।

इस दौरान होटल प्रबंधन ने भीतर ही भीतर रंगरोगन कराया गया। भीतर के नक्शे तक बदल दिए गए हैं। बुधवार को दस बेगुनाह लोगों की जान लेने वाले होटल गोयल रेजीडेंसी का नाम बदलकर फिर से रेस्टोरेंट खोल दिया गया। राजस्व विभाग के साथ ही खुफिया विभाग को भी इसकी जानकारी थी, लेकिन किसी ने आला अधिकारियों को सही जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। जिस होटल के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था, आज उसमें रेस्टोरेंट कैसे खुल गया। ऐसे लोगों की ओर जिला प्रशासन की नजर तक नहीं जा रही है। खुद जांच के बाद अधिकारियों की टीम ने भी होटल के भवन को जर्जर माना था।

मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया था तो फिर कैसे नाम बदलकर खोला गया। किसकी अनुमति से होटल खुला। इसकी जांच करवाई जाएगी।

सोमदत्त मौर्य, अपर जिलाधिकारी।

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