[una] - मजदूरों ने निकाला किसानों का दिवाला

  |   Unanews

मनरेगा दिहाड़ी 220, गेंहू कटाई 700 मेंमजदूरों ने निकाला किसानों का दिवाला, सरकार तय करे फसल कटाई की दरकिसान मोर्चा की मांग, बंद हो मुफ्त का राशन अमर उजाला ब्यूरोऊना। खेतों में दिन-रात एक कर फसल की रखवाली करने के बाद किसानों की फसल तो पक कर तैयार हो गई है लेकिन कटाई के लिए मजदूरों की मुंहमांगे मेहनताने ने किसानों का दिवाला निकाल कर रख दिया है। इन दिनों गेहूं की तैयार फसल की कटाई का काम जोरों पर हैं, ऐसे में किसानों को गेहूं की कटाई के लिए ढूंढे से भी कामगार नहीं मिल रहे हैं। मिलते भी हैं तो मुंह मांगी दिहाड़ी मांग रहे हैं। इन दिनों गेहूं की कटाई के लिए कामगार 800 से 1200 रुपये प्रति कनाल के मांग रहे हैं जबकि मनरेगा की दिहाड़ी 220 रुपये हैं। स्वतंत्र किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीताराम ठाकुर ने कहा कि यदि इस दिशा में जल्द कोई निर्णय न लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरकार ने मनरेगा की दिहाड़ी तय कर रखी है, उसी तर्ज पर किसानों के हित में फसल कटाई, बुआई के लिए कामगारों की दिहाड़ी तय होनी चाहिए। सीताराम के मुताबिक ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत लगे कामगारों को किसानों के हित में गेहूं कटाई के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस तरह कामगारों को काम भी मिलेगा और किसानों को फसल कटाई में मदद भी मिल सकेगी। किसान मोर्चा के अध्यक्ष से सवाल उठाया कि जब राज्य सरकार ने दिहाड़ी तय कर रखी है तो फिर मुंह मांगी दिहाड़ी क्यों? उन्होंने कहा कि जब कामगार किसानों से फसल कटाई के 800 से 1200 रुपये दिहाड़ी ले सकते हैं तो फिर इन्हें डेढ़ रुपये किलो गेहूं, चावल क्यों। जिला के कई अन्य किसानों प्रभात सिंह, सुरेंद्र नोनी, कैप्टन सतदेव सिंह, तरसेम लाल, हुसनचंद, तेलूराम, मंगतराम, पवन कुमार, राम स्वरूप ने कहा कि जिस तरह मनरेगा की दिहाड़ी तय है, उसी प्रकार फसल कटाई के लिए भी कामगारों की दिहाड़ी तय होनी चाहिए। उपायुक्त ऊना विकास लाबरू ने कहा कि किसानों की ओर से ऐसी ऐसी कोई लिखित शिकायत उनके ध्यान में नहीं आई है। अगर आती है तो अवश्य उस पर विचार करेंगे।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/HHsL8wAA

📲 Get Una News on Whatsapp 💬