[yamuna-nagar] - 18 लाख न मिलने से परेशान ठेकेदार किया सुसाइड, नोट में जमीन मालिक को ठहराया जिम्मेवार

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18 लाख न मिलने से परेशान ठेकेदार किया सुसाइड, नोट में जमीन मालिक को ठहराया जिम्मेदारपोस्टमार्टम के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर किया हंगामा, शव लेने से किया मना तहसीलदार, डीएसपी के समझाने पर भी नहीं माने परिजन, बाद में हिमाचल के रिटायर्ड डीजीपी ने समझा किया शांत दुसानी के पास जहरीला पदार्थ निगल ठेकेदार ने दी जान, जमीन में मिट्टी भरने के 18 लाख न मिलने से था परेशान पुलिस ने आरोपी पर किया आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर। दो एकड़ जमीन में मिट्टी भराई करने के करीब 18 लाख रुपये न मिलने से परेशान ठेकेदार ने जहरीला पदार्थ निगल कर जान दे दी। सुसाइड नोट में ठेकेदार ने जमीन मालिक को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। लेकिन परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर जमकर हंगामा किया। मंडौली निवासी कृष्णा ने बताया कि उसका बेटा कुनाल (32) मिट्टी भराई की ठेकेदारी का काम करता था। कुछ माह पहले उसने अमरपुरी कॉलोनी निवासी दीपक राणा की गांव अहमदनगर के पास स्थित दो एकड़ में मिट्टी भराई करने का ठेका लिया था। जमीन में मिट्टी भरने का 45 लाख रुपये में एग्रीमेंट हुआ था। एग्रीमेंट की कॉपी उनके पास है। जमीन में मिट्टी का भराव होने के बाद आरोपी दीपक राणा ने कुछ रकम तो उसे दे दी थी। लेकिन 18 लाख रुपये नहीं दिए। कुनाल आरोपी दीपक से करीब माह से पैसे मांग रहा था। लेकिन आरोपी ने पैसे नहीं दिए। कुछ माह पहले कुनाल को अटैक पड़ गया था। तब भी आरोपी ने पैसे नहीं दिए। इस कारण उसका बेटा कुनाल काफी समय से परेशान चल रहा था। इसके चलते उसके बेटे ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या की है। यही बात कुनाल ने सुसाइड नोट में भी लिखी है और मौके से एक एग्रीमेंट भी बरामद हुआ है। जिसमें जमीन की मिट्टी भराई करने का 45 लाख रुपये में एग्रीमेंट तैयार हुआ है। पुलिस ने कृष्णा की शिकायत पर आरोपी दीपक राणा के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। दुसानी के पास जाकर निगला जहरीला पदार्थ : परिजनों ने बताया कि मंगलवार शाम को कुनाल घर से निकला था। दुसानी के पास जाकर उसने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया। जब उसकी तबीयत बिगड़नेे लगी तो उसने अपने चचेरे भाई शुभम को फोन कर बुलाया। शुभम उसकी मां कृष्णा को लेकर मौके पर पहुंचे। दोनों ने उसे शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सदर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने जब उसकी जांच की तो उसके पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने दीपक राणा को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। दलित समाज के लोगों को रात को ही उठा लेती है पुलिस स्वर्ण जाति को क्यों नहीं : मृतक के पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस परिजनों को शव सौंपने लगी तो उन्होंने लेने से मना कर दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वे शव नहीं उठाएंगे। लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर यहां जमकर हंगामा किया। मृतक के परिजन जीत राम, रणदीप, महेश आदि ने कहा कि पुलिस स्वर्ण जाति के लोगों को उठाने में आनाकानी करती है। उनके गांव में झगड़ा हो गया, बिना कारण उनका नाम आ गया, पुलिस ने रातों रात दलित समाज के लोग उठा लिए। पुलिस कार्रवाई करने में भेदभाव करती हैं। इसलिए पुलिस ने रात से अब तक कोई कार्यवाही नहीं की। यदि पुलिस चाहती तो उसके परिवार को उठा कर पूछताछ कर सकती है। मौके पर खड़ी पुलिस इसका कोई जवाब नहीं दे सकी। दो दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो सड़कों पर उतर करेंगे आंदोलन : सिविल अस्पताल के शव गृह पर आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा कर रहे परिजनों को पुलिस ने कई बार मनाने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने। मौके पर तहसीलदार, डीएसपी, थाना सदर प्रभारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों को समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन परिजनों ने किसी की नहीं सुनी। परिजनों के पास हिमाचल प्रदेश के पूर्व डीजीपी पृथ्वी सिंह पहुंचे, उन्होंने पुलिस से परिजनों की ओर से बातचीत की। उसके बाद उन्होंने कहा कि यदि दो दिन में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती तो उनके लिए सड़कों पर उतरने का रास्ता खुला है। वह समाज के साथ सड़कों पर आकर आंदोलन करेंगे। ये लिखा सुसाइड नोट में मैं कुनाल अपने होशो हवास में लिख रहा हूं, मैं जिंदगी से परेशान हो गया हूं। दीपक राणा की वजह से, क्योंकि मैंने इसके पास काम किया। 30 लाख रुपये का, 30 लाख में से मेरे पास 12 लाख रुपये आए है। 18 लाख रुपये बकाया हैं। काम तीन हिस्से में करके बंद कर दिया। तीन चार माह के बाद इसने फोन किया। मेरा दूसरा काम करदे। वो काम खत्म हो गया। इसके दौरान मैंने बोला कि तेरा दूसरा काम शुरू करे, अगले दिन मशीन लेके गए तो नगर निगम वाले कूड़ा गिरा रहे थे। मैने उनसे बोला तुम यहां कूड़ा गिरा रहे हो, तो वे बोले ये काम तो दीपक राणा ने हमको दे दिया है तो दीपक को मैने बोला मेरा हिसाब करदे और मेरे चेक दे दे। दीपक ने बोला 15-20 दिन में तेरा हिसाब कर देंगे। पैसे दे देंगे। तो उसके बाद इसने लारे लगाने शुरू कर दिए। 3-4 महीने लारे लगाए तो उसके बाद पैसे देने से साफ मना कर दिया। मैंने इसके फोन किया। किसी और के नंबर से इसने गाली गलौच शुरू कर दी और चेक लगाने की धमकी देने लगा। मैंने इसका काम करने की वजह से 12 लाख रुपये कि देनदारी है मेरे सिर। पैसों की देनदारी की वजह से मेरे को अटैक पड़ गया। तो उस टाइम इसने बोला कि छुट्टी (अस्पताल से) के बाद पैसे दे देंगे। छुट्टी होने के बाद उसके पास गया तो उसेने 3 दिन का टाइम मांग के फोन करके बुला लेंगे। 45 दिन से 60 दिन हो गए। इसके बीच में फोन किया तो फोन उठाया नहीं। अब मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं दीपक की वजह से। सुसाइड नोट लिखने के बाद नीचे दीपक राणा का नंबर लिखा हुआ है और कुनाल ने अपने साइन किए हुए हैं। जल्द होगी गिरफ्तारी : एसएचओ सुसाइड नोट व मृतक की मां की शिकायत पर आरोपी दीपक राणा के खिलाफ केस दर्जकर लिया गया है। पुलिस आरोपी को पकडने के लिए दबिश दे रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया था। परिजनों का समझा दिया गया है। - राजीव मिगलानी, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर।

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