🤜गढ़चिरौली में सुरक्षाबलों को दो दिन में 👌दूसरी कामयाबी, 6 नक्सली👽 ढेर📹http://v.duta.us/TewmXwAA

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महाराष्ट्र पुलिस की स्पेशल टीम सी-60 ने नक्सलियों के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चला रखा है।रविवार को टीम ने पुलिस टीम ने कार्रवाई अभियान चलाकर 16 नक्सलियों को ढेर कर दिया था और अब पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़ की सीमा पर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 6 अन्य नक्सलियों को और ढेर कर दिया। गत 48 घंटों में पुलिस के हाथ यह दूसरी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।

इस कार्रवाई की खास बात यह रही कि पुलिस जवानों ने कार्रवाई के बाद मिल सफलता का जोरदार जश्न भी मनाया। पुलिस टीम का कहना है कि वह पूरे क्षेत्र के नक्सलियों का सफाया करके ही दम लेगी।

बता दें कि गढ़चिरौली में सुरक्षाबलों के जवान ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिक भी नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं। पिछले साल अप्रैल में सुकमा में नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ जवानों पर भी हमला किया था। इसमें 25 जवानों की मौत हो गई थी।

यहां देखें जवानों के जश्न का वीडियो-📹http://v.duta.us/TewmXwAA

भारत में नक्सल आंदोलन की शुरुआत पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी से हुई थी। इसी लिए इस आंदोलन को नक्सल आंदोलन कहा जाता है। दरअसल ये आंदोलन भूमि सुधार के खिलाफ था। भूमि मालिकों के जरिये किसानों के जमीन को हड़पने से किसानों में काफी गुस्सा था। ये गुस्सा नक्सल आंदोलन की वजह बना। नक्सल आंदोलन के जनक चारु मजूमदार हैं।

इसका गठन 1967 में किया गया था। ये आंदोलन अपने शुरुआती दौर में तो किसानों की हक की लड़ीई के तौर पर शुरू हुआ, लेकिन धीरे-धारे ये हिंसक होता गया, और जल्द ही पूरे देश में फैल गया। वर्तमान में केरल, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाकटक, छत्तीसगढ़ व झारखण्ड में इसकी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही है। अब नक्सलवाद देश के आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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