[azamgarh] - एक में पानी नहीं, तो दूसरे का मोटर था खराब

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अग्निशमन दल विभाग के रिकार्ड में मार्च से मई तक अग्निकांड दिवस के रूप में जाना जाता है। जब मामूली से मामूली चिंगारी भी बड़ी घटना की वजह बन जाती है। इन सबके बावजूद फायर विभाग की आग से निपटने की कोई तैयारी नहीं है, ना ही इस तरफ किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया। अन्यथा फायर विभाग चुस्त-दुरुस्त होती और किराना कारोबारी की जान बचाई जा सकती थी।

लापरवाही का आलम यह रहा कि फायर सबस्टेशन बूढनपुर तहसील मुख्यालय के पास स्थित है। यहां से नगर पंचायत अतरौलिया का केसरी सिंह चौक की दूरी करीब 14 से 15 किलोमीटर की है। आजमगढ़-फैजाबाद प्रमुख मार्ग पर किराना व्यवसाई अजय गुप्ता का मकान है।

सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे आग लगी और करीब दस बजे तक फायर विभाग और पुलिस को सूचना दे दी गई। फायर ब्रिगेड कर्मचारी आग को सामान्य मानकर मौके पर तो पहुंच गए, लेकिन उनके टैंकर में पानी ही नहीं था ना ही आसपास से पानी मिलने की ही उम्मीद दिखी।

ऐसे में दूसरी गाड़ी बुलाई गई। करीब आधा घंटे बाद दूसरी गाड़ी पहुंची तो उसका मोटर नहीं चला। दो विफलताओं के बाद एसडीएम बूढनपुर ने पड़ोसी जिले अंबेडकर नगर और महराजगंज सबस्टेशन से दमकल की गाड़ियां बुलाईं। इसके साथ ही नगर पंचायत अतरौलिया के कर्मचारी भी टैंकर लेकर पहुंचे और नेशनल हाइवे के निर्माण में लगे पानी के टैंकर को भी मंगा लिया गया। लेकिन तब तक आग विकराल हो चुकी थी।

इससे पूर्व गांव देहात क्षेत्र में आग लगने की कई घटनाएं हुई। हर बार ऐसी शिकायत रही कि सूचना देने के बाद भी फायर की गाड़ी नहीं पहुंची, या फिर आग बुझने के बाद गाड़ी मौके पर पहुंची। बीच-बीच में फायर कर्मियों की खामियां और तैयारियों की पोल खोलने वाली बातों का पता चलने के बाद भी फायर की दुर्व्यवस्थाओं को दूर करने का प्रयास नहीं किया गया।

अभियान चलाकर होगी इमारतों की चेकिंग

आजमगढ़। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि इस मामले में फायर विभाग की कहीं से भी कोई लापरवाही नहीं पाई गई। आग बुझाने में जितना पानी लगा होगा, उससे अधिक पानी बाहर बह गया। क्योंकि मकान में भीतर जाने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था।

ऐसे में बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मकान के भीतर किराने का गोदाम और अन्य सामान होने की वजह से आग ने भयानक रूप ले लिया। डीएम ने कहा कि अभियान चलाकर सभी शापिंग माल, अस्पताल, बड़े भवन आदि को चेक किया जाएगा कि आग जैसी भयानक स्थिति से निपटने के लिए उनकी क्या तैयारियां हैं। यदि जिसमें तैयारी नहीं होगी। उनसे सुरक्षा के मानकों का अनुपालन कराया जाएगा।

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