[azamgarh] - जान जाती है तो जाए, डॉक्टर फिर भी न आए

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मंडलीय अस्पताल पर सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी कई फीजिशियन और प्रमुख चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठे। वहीं जो बैठे भी तो वे 10.30 बजे के बाद ही पहुंचे। वहीं मरीजों को घंटो डॉक्टर का इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन सबकुछ जानते हुए भी मौन साधे हुए है।

मंडलीय अस्पताल के मुखिया डॉ. जीएल केशरवानी चेस्ट फीजिशियन है। ये अपने चेंबर में ही मरीज देखते है लेकिन इनकी भी उपस्थित कभी ओपीडी के लिए निर्धारित समय सुबह आठ बजे नहीं होती। सोमवार को से 8.30 बजे के बाद अस्पताल पहुंचे। वहीं फीजिशियन डॉ. राजनाथ की ओपीडी बंद थी, कमरे के बाहर 24 अप्रैल तक अवकाश पर होने की नोटिस चस्पा थी। डॉ. आर के मिश्रा के कक्ष पर 10:45 बजे तक ताला लटका था।

फीजिशियन डॉ. आरके कुशवाहा का ओपीडी कक्ष बंद रहा। वहीं नाक, कान, गला की ओपीडी भी पूरी तरह से बंद रही। मंडलीय अस्पताल के इस विभाग में तैनात डॉ. आरके पासवार, डॉ. अभिषेक सिंह में से कोई भी नहीं बैठा था। ओपीडी संख्या छह में फीजिशियन/हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आरआर श्रीवास्तव 11:20 तक अपने ओपीडी कक्ष में नहीं पहुंचे थे। कक्ष के बाहर मरीजों का तांता लगा हुआ था। वहीं डॉ. विमलेश भी 11 बजे तक अपने कक्ष में नहीं पहुंचे थे। ओपीडी व्यवस्था पूरी तरह से फेल होने से मरीज परेशान हो रहे है।

ओपीडी का समय शुरू होने के बाद तक चलती रही सफाई

आजमगढ़। अस्पताल की ओपीडी आठ बजे से शुरू हो जाती है। लेकिन 9.30 बजे तक ओपीडी कक्षों और बाहर के बरामदे में सफाई होती नजर आई।

9:30 बजे तक पंजीकरण करा चुके थे सवा सौ मरीज

आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल में अब ई-हॉस्पिटल योजना के तहत पंजीकरण की कवायद कंप्यूटर से होने लगी है। मुख्य गेट के बगल में ही पांच काउंटर बनाये गये है। 9.30 बजे तक सभी पंजीकरण काउंटरो से लगभग सवा सौ मरीजों ने पंजीकरण करा लिया था।

डॉ. राजनाथ कांफ्रेस में गये हुए है। उनके जाने के बाद डॉ. आर के मिश्रा का एक्सीडेंट हो गया, जिससे वे भी अवकाश पर है। डॉ. आरके कुशवाहा और डॉ. विमलेश भी अपने जरूरी कार्यो के चलते छुट्टी पर गये हुए है। डॉ. आरआर श्रीवास्तव की जहां तक बात है तो वे नाइट ड्यूटी किये थे, जिसके चलते हो सकता है कि सोमवार को वे देर से अपनी ओपीडी में आये हो। मरीजों को असुविधा न हो इसका पूरा प्रयास हो रहा है।

जहां तक डॉक्टरों के देर से ओपीडी में पहुंचने की बात है तो यह कहना गलत है। आठ बजे सभी डॉक्टर उपस्थिति पंजीका पर हस्ताक्षर बनाने के बाद वार्डो में राउंड पर चले जाते है और राउंड से लौट कर ओपीडी में बैठ जाते है। फिर भी यदि कहीं कोई कमी है तो सुधार का प्रयास किया जायेगा।

डॉ. जीएल केशरवानी, एसआईसी, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।

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