[bijnor] - किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए मिलेगा पानी

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बिजनौर। किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कोई कमी नहीं होगी। विद्युत निगम किसानों के नलकूपों की अलग से विद्युत लाइन बिछा रहा है। दस फीडरों के नलकूपों की लाइन अलग की भी जा चुकी है। इन नलकूपों को अलग से शेड्यूल बनाकर करीब 12 घंटे बिजली दी जा रही है। नलकूप जिले में फसलों की सिंचाई का प्रमुख स्त्रोत हैं। बिजली कटौती के बीच गर्मी में फसलों की सिंचाई करना किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। बिजली गुल होने पर, ट्रांसफार्मर फूंकने पर या तार आदि टूटने पर किसान परेशान रहते हैं। हालांकि जिले में किसानों को इस समय बिजली की अंधाधुंध कटौती का सामना नहीं करना पड़ रहा है। किसानों को अलग से बिजली की सप्लाई के लिए विद्युत निगम ने नलकूपों की लाइन गांवों की लाइन से अलग करने का काम शुरू कर दिया है। जिले के दस फीडरों से जुड़े गांवों के नलकूपों को की लाइन अलग कर भी दी गई है। इस लाइन पर नलकूपों को 12 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। बाकी नलकूपों की विद्युत लाइन भी अगले साल अलग करने का लक्ष्य रखा गया है। 40 हजार नलकूप हैं जिले में जिले में करीब 40 हजार नलकूप हैं। एक नलकूप एक घंटे में एक बीघा के खेत को आराम से भर देता है। किसान 12 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति होने पर किसान एक दिन में 15 बीघा से ज्यादा फसल की सिंचाई कर सकते हैं। पहले एक दिन में मुश्किल से तीन से चार घंटे ही बिजली मिलती थी, वो भी किश्तों में। किसानों की फसल सूखने की कगार पर पहुंच जाती थीं। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। फाल्ट, ट्रिपिंग से मिलेगी निजात जिले में बिजली की खपत 160 मिलियन यूनिट प्रतिदिन है। सुबह व शाम के समय बिजली की खपत सबसे ज्यादा होती है। नलकूपों व गांवों की एक ही लाइन होने पर बिजलीघर ओवरलोड हो जाते हैं। फाल्ट, ट्रांसफार्मर फूंकने आदि की समस्या होती है। लाइन अलग होने से इस समय से अलग नलकूपों को विद्युत आपूर्ति होगी। किसानों को किसी भी तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना होगा। जिले में 300 फीडरजिले में छोटे-बड़े 92 बिजलीघर हैं। इनसे करीब 300 फीडर जुड़े हैं। इनमें से दस फीडर अलग कर दिए गए हैं। बाकी फीडरों को अलग किया जा रहा है। अगले साल शत प्रतिशत फीडरों की लाइन बिजलीघर से अलग हो जाएगी। नलकूपों की लाइन अलग करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। इससे किसानों को बिजली आपूर्ति पहले से अधिक मिलेगी और फसलों की सिंचाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। - सीपी सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत।

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