[champawat] - परिचालकों की बर्खास्तगी के आदेश से गुस्सा

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टनकपुर (चंपावत)।रोडवेज बस में माननीयों के निशुल्क यात्रा घोटाले में लिप्त परिचालकों पर कार्रवाई के विरोध में कर्मचारी संगठन एकजुट होने लगे हैं। उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ और उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने परिचालकों को निर्दोष बताते हुए इसके लिए निगम प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।पिछले महीनों सांसदों की निशुल्क यात्रा दर्शाकर रोडवेज में लाखों का घोटाला सामने आने के बाद निगम के महाप्रबंधक ने इसमें लिप्त 35 परिचालकों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं। निगम प्रबंधन के इस फैसले का कर्मचारी संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को परिवहन मजदूर संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि निगम मुख्यालय की त्रुटि के कारण ऐसा हुआ है। इसके लिए परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई का संगठन विरोध करेगा। आगाह किया कि परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश शीघ्र वापस नहीं लिया गया तो संगठन कार्य बहिष्कार करते हुए उग्र आंदोलन करेगा। बैठक में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कैलाश भट्ट, सतीश उप्रेती, रवि कुमार, दीप चंद्र शाह, भरत पाठक, कुलदीप गुप्ता, गौरव गुप्ता आदि मौजूद थे।इधर, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने भी बैठक कर परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। कहा कि निगम प्रबंधन द्वारा ई-टिकटिंग मशीनों में साफ्टवेयर अपलोड न किए जाने एवं परिचालकों को जानकारी और प्रशिक्षण न देने से ऐसा हुआ है। पक्ष सुने बगैर परिचालकों को जिम्मेदार ठहराया जाना न्यायोचित नहीं होगा। यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री नीरज सिंह ने कहा कि किसी भी परिचालक के विरुद्व आरोप पत्र जारी करने अथवा सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की गई तो यूनियन संपूर्ण कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेगा। उत्तराखंड रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने भी आपात बैठक कर परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध किया है। बैठक में वीरेंद्र पुरी, संतोष गुप्ता, हयात सिंह, हुकुम चंद, देवेंद्र मिश्रा, नरेंद्र पाल, अजीत गुप्ता, रमाशंकर आदि मौजूद थे।इनसेट-परिचालकों को हटाने का आदेश वापस न लेने पर होगा आंदोलनलोहाघाट (चंपावत)। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विशेष श्रेणी और संविदा परिचालकों को सेवा से अलग करने के आदेश की कड़ी निंदा की ै। उन्होंने महाप्रबंधक संचालन को ज्ञापन भेजकर जल्द आदेशों को निरस्त न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी। शाखा अध्यक्ष एनडी भट्ट की अध्यक्षता और क्षेत्रीय मंत्री सूरज भान के संचालन में आयोजित बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि इस मामले में निगम प्रबंधन ने अपनी कमी को छिपाया है। यदि प्रबंधन वर्ग और सुपरवाइजर की ओर से समय-समय पर चेकिंग की जाती तो इस गलती को पूर्व में ही सुधारा जा सकता था। इस दौरान प्रांतीय उपाध्यक्ष कैलाश चंद्र मुरारी, राजेंद्र फर्त्याल, चंद्रशेखर दानी, नरेंद्र कुमार, शंकर पाल, नरेश सिंह करायत, आत्मप्रकाश, गोविंद देवी आदि थे।

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