[gorakhpur] - सोशल मीडिया पर फिर गर्माया बीआरडी कांड

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गोरखपुर। बीआरडी के कथित ऑक्सीजन कांड के आरोपी डॉ. कफील खान के एक खत से सोशल मीडिया पर यह मामला एक बार फिर गरमा उठा है। आठ महीने से जेल में बंद डॉ. कफील खान ने खत में घटना के बारे में तफसील से जिक्र के साथ ही खुद को निर्दोष बताया है।

10 पेज के खत में जेल की यातना के साथ एक बार उन्होंने मामले में उच्च स्तर पर बरती गई लापरवाही का जिक्र किया गया है। खत में डॉ. कफील कह रहे हैं कि आठ महीने से जेल में यातना, अपमान के बाद भी सब कुछ मेरे यादों में जिंदा है। कभी-कभी मैं अपने आप से सवाल पूछता हूं क्या मैं सच में दोषी हूं, तो दिल की गहराइयों से जवाब मिलता है नहीं, नहीं, नहीं। उन्होंने लिखा है कि छुट्टी पर होने के बावजूद 10 अगस्त को व्हाट्सएप पर जब मुझे खबर मिली तो मैंने वह सब किया जो एक डॉक्टर, एक पिता और देश के एक जिम्मेदार नागरिक को करना चाहिए। मैंने सभी बच्चों को बचाने की कोशिश की, जो ऑक्सीजन की कमी से खतरे में थे। ऑक्सीजन संकट खड़ा होने का जिक्र करते हुए उन्होंने अपने कथित संघर्ष भी बयां किए हैं। इसमें ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने एसएसबी को सेल्यूट किया है।

मीडिया में मामला आने से गुस्से में आ गए योगी

खत में डॉ. कफील ने लिखा है कि घटना के बाद कॉलेज पहुंचे सीएम योगी ने पूछा क्या आप डॉक्टर कफील हैं और आप ने सिलिंडर जुगाड़ किया है तो मैंने हां में जवाब दिया। इससे सीएम योगी गुस्से में आ गए। वे इस घटना के मीडिया में आने से नाराज थे।

मामले को प्रशासनिक विफलता करार दिया

पुष्पा सेल्स द्वारा 68 लाख बकाया राशि पेमेंट करने के लिए 14 रिमाइंडर के बाद भी कोई कदम नहीं उठाने पर भी डॉ. कफील ने सवाल उठाए हैं। कहा है कि यह ऊंचे स्तर पर प्रशासनिक लेवल की बहुत बड़ी विफलता है। हमें बलि का बकरा बनाया गया। जब मनीष को बेल मिली तो हमें भी लगा कि जस्टिस मिलेगा। लेकिन अभी भी इंतजार कर रहे हैं।

यहां पढें पूरी खबर— - http://v.duta.us/T-vYBAAA

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